डबरा में नौ दिनों से चल रहे धार्मिक अनुष्ठान का नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूर्णाहुति से हुआ समापन
डबरा के नवग्रह शक्तिपीठ पर पिछले दस दिन से चल रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम शुक्रवार का शुक्रवार को समापन हो गया। कार्यक्रम के आखिरी दिन देवताओं का आह्वान कर यज्ञ में आहुतियां दी गईं। इसी के साथ नवग्रह शक्ति पीठ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दी गई। इस अवसर पर शारदा पीठ के शंकराचार्य जगतगुरू स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में वो क्षण दुर्लभ होते हैं, जब उसके मन मे अच्छा काम करने की इच्छा जागृत होती है। देवताओं के मंदिर का निर्माण करना सत्कर्म हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भगवान की असीम कृपा हुई कि वो नवग्रह शक्तिपीठ के निर्माण का अभूतपूर्व कार्य कर पाए।स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि अपने लिए तो हर व्यक्ति रोटी, कपड़ा और मकान की व्यवस्था कर लेता है, लेकिन जो संपूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए कर्म करता है, भगवान की कृपा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सद्मार्ग पर चलने और ईश्वर परायणता सिद्ध करने के लिए कर्म का सहारा लेना पड़ता है। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान देश के शीर्षस्थ संत महंतों एवं देश की विशेष हस्तियों की मौजूदगी से डबरा दस दिन तक महाकुंभ जैसा माहौल रहा। इस दस दिवसीय कार्यक्रम में पहले तीन दिन पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव कथा का आयोजन हुआ उनके बाद डॉ. कुमार विश्वास की कथा अपने-अपने राम से भक्त भाव विह्वल होते रहे। बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी हनुमंत कथा से महोत्सव की समाप्ति की, जो श्रोताओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई। इस धर्म समागम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भा.ज.पा. प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल,प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल,और कैलाश विजयवर्गीय जैसे प्रमुख राजनेताओं का आगमन हुआ। साथ ही प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह, इंदर सिंह परमार, करन सिंह वर्मा, तुलसी सिलावट, लखन पटेल, राकेश शुक्ला, और नारायण सिंह कुशवाह, प्रद्युम्न सिंह तोमर,सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी अपनी हाजिरी लगाई। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी शामिल हुए।
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