निकाय चुनाव में 'धोखा पत्र' जारी करेगी कांग्रेस छह महीने पहले तय होंगे उम्मीदवार विधायक निभाएंगे 'सारथी' की भूमिका

Jun 2, 2026 - 07:47
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निकाय चुनाव में 'धोखा पत्र' जारी करेगी कांग्रेस छह महीने पहले तय होंगे उम्मीदवार विधायक निभाएंगे 'सारथी' की भूमिका

साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस में अभी से जमीनी जमावट का दौर शुरु हो गया है। पिछली हार से सबक लेते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने इस बार अलग-अलग रणनीति अपना कर चुनाव में फतह हासिल करने की रणनीति तैयार की है। मुखबिर को मिली सूचना के अनुसार कांग्रेस इस बार संभावित उम्मीदवारों को छह महीने पहले ही चुनाव का इशारा कर देगी जिससे वो अपनी चुनावी तैयारी में पूरी क्षमता के साथ जुट जाएं। कांग्रेस के इस अभियान में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। कांग्रेस विधायकों को सारथी की भूमिका देगी। मतलब विधायकों को नगर-निगम वार जिम्मेदारी दी जाएगी। विधायकों को प्रत्येक महीने क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों को गति देना होगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में बूथ कमेटियों के माध्यम से नजर रखी जाएगी। पार्टी स्थानीय मुद्दों को चिन्हित करके 'धोखा पत्र' तैयार करवाएगी। गौरतलब है कि 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के 16 नगरीय निकायों में से पांच महापौर निर्वाचित हुए थे। इनमें तीन पार्टी छोड़ कर जा चुके हैं। अब सिर्फ दो महापौर कांग्रेस के साथ हैं जिसमें रीवा और ग्वालियर में कांग्रेस के महापौर बचे हैं। पार्षद भी 854 में 259 ही हैं। गौरतलब है कि नगरीय निकाय चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले है लिहाजा कांग्रेस इस चुनाव में अपनी संगठनात्मक क्षमता का आंकलन करना चाहती है। जिससे कमियों को वो समय रहते दूर कर पाए। प्रत्याशी चयन में भी कांग्रेस सतर्कता बरतने जा रही है। जिन विधायकों को नगर निगमों का जिम्मा मिलेगा वो वो अपने स्तर पर सर्वे करवाएंगे। इनमें वर्तमान पार्षदों की स्थिति का आंकलन करने के साथ संभावित प्रत्याशियों का फीडबैक लिया जाएगा। कांग्रेस को इस बात का अहसास है कि साल 2027 में अगर पार्टी जीत की लय हासिल कर लेगी तो 2028 में वही जीत विधानसभा की दहलीज भी पार करा सकती है। लिहाजा कांग्रेस सेमीफाइनल मान कर नगरीय निकाय के चुनाव को लड़ेगी।

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