जब दो विरोधी आमने-सामने हों तो तस्वीर खुद जुवां बन जाती हैं आखिर किस टेंशन में हैं राजेन्द्र शुक्ल और सीएम मोहन यादव
विंध्य से आने वाले डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल और सीएम मोहन यादव के बीच कितने मजबूत संबंध हैं वो किसी से छुपे नहीं हैं। सार्वजनिक मंचों पर तो दोनों नेता एक दूसरे से खूब हंसी मजाक करते नजर आते हैं लेकिन जब दोनों बंद कमरे में एक साथ हों तो तस्वीर दोनों नेताओं के संबंध को बताने के लिए खुद जुवां का काम करती है। मामला सोमवार का है जब डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल किसी काम को लेकर सीएम हाउस पहुंचे। काफी इंतजार के बाद सीएम उनसे मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं ने औपचारिक बात की उसके बाद डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने एक फाइल सीएम मोहन यादव के हाथ में थमा दी। तस्वीर हाथ में फाइल आने के बाद की ही है। सीएम मोहन यादव फाइल देख कर काफी गंभीर मुद्रा में नजर आ रहे हैं। सीएम के चेहरे का हाव-भाव देख कर राजेन्द्र शुक्ल के चेहरे पर भी 12 बजते नजर आ रहे हैं। बंद कमरा है कोई तीसरा व्यक्ति भी नहीं है दोनों नेता एक दूसरे से बात नहीं कर रहे। दोनों एक दूसरे से नजर भी नहीं मिला रहे। आखिर काम करवाना है और सीएम बात किए बगैर काम करेंगे नहीं। ऐसी स्थिति में काम हो तो कैसे हो। दोनों नेताओं के बीच आई यह तस्वीर चीख-चीख कर बता रही है कि सबकुछ ठीक नहीं है। गौरतलब है कि यहां लड़ाई सीएम पद के कुर्सी की है। एक सीएम सामने हैं तो दूसरे सीएम बनने की दौड़ में हैं। ऐसी स्थिति में दोनों नेता एक दूसरे से बात करें भी तो कैसे। सीएम मोहन यादव को भी मालूम है कि उनकी आंख की किरकिरी उनके सामने है। कल दिक्कत हुई तो यही कारण होंगे। ऐसी स्थिति में चुप रहना ही सबसे बड़ा मंत्र है।
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