कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन बराबर उपहार लेने की छूट पर हो रहा विचार मुख्य सचिव अनुराग जैन तैयार कर रहे नया प्लान
मध्य प्रदेश सरकार शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला करने जा रही है। राज्य सरकार 26 साल बाद आचरण नियम में परिवर्तन करने प्लानिंग कर रही है। वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग की समिति द्वारा इस पर मंथन किया जा रहा है। आचरण नियम के अनुसार अभी कोई भी अधिकारी-कर्मचारी अधिकतम 1,500 रुपये से अधिक का उपहार नहीं ले सकता है,जो वर्तमान समय के हिसाब से व्यावहारिक नहीं है। वित्त विभाग ने एक माह के मूल वेतन के बराबर नकद राशि उपहार में लेने की छूट देना प्रस्तावित किया है। हालांकि, यह राशि कितनी होगी, यह मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में निर्धारित होगा। इससे पहले मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 में बनाए गए थे। जिसके बाद साल 2000 में संशोधन किया गया लेकिन वर्तमान समय के हिसाब से इन्हें अव्यवहारिक माना जा रहा है। इसे देखते हुए सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग के अधिकारी नियम को नए सिरे से तैयार करने पर काम कर रहे हैं। किसी उपहार का मूल्य प्रथम या द्वितीय श्रेणी के पद धारक के लिए डेढ़ हजार रुपये से अधिक नहीं होगी। तृतीय श्रेणी के लिए यह राशि सात सौ और चतुर्थ श्रेणी के लिए ढाई सौ रुपये से अधिक नहीं होगी। यदि उपहार का मूल्य निर्धारित राशि से अधिक हो तो उसे एक माह के भीतर सरकार को बताना होगा। उपहार राशि को लेकर अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा लगातार मांग होती रही है जिसके कारण अब सरकार इस विषय को लेकर गंभीर है और मुख्य सचिव नए सिरे से उपहार नियम में बदलाव करने पर काम कर रहे हैं।
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