मप्र में बाल विवाह रोकने के लिए कंट्रोल रूम होंगे स्थापित,24x7 घंटे रखी जाएगी नजर
मध्यप्रदेश में देव उठनी एकादशी पर बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह पहल प्रदेश को “बाल विवाह मुक्त मध्यप्रदेश” बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए निगरानी, जागरूकता और तत्पर कार्रवाई के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। प्रत्येक ग्राम और वार्ड में सूचना दलों का गठन किया जा रहा है, जिनमें शिक्षक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, स्वसहायता समूह की सदस्य, शौर्यादल की अध्यक्ष, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पंचायत प्रतिनिधि और समाज के जागरूक नागरिक शामिल हैं। ये दल विवाहों की जानकारी रखेंगे और किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को देंगे। राज्य के सभी जिलों में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं जिनके दूरभाष नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। बाल विवाह की सूचना पर तत्काल कार्रवाई के लिए उड़न दस्ते भी तैनात किए गए हैं। विभाग ने परियोजना और आंगनवाड़ी स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं जिनमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और आम नागरिकों से बाल विवाह रोकथाम में सहयोग का आह्वान किया गया है।
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