दो दिन में दूसरी बार हुई संघ- संगठन और सरकार की समन्वय बैठक प्रदेश कार्यसमिति के तय हुए नाम
मध्य प्रदेश भाजपा में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरु होते ही संगठनात्मक नियुक्तियों को भी अंतिम रुप देने का क्रम शुरु हो चुका है। इन नियुक्तियों में भी वरिष्ठ नेताओं के खेमे को महत्व दिया जा रहा है। क्योंकि प्रत्येक नियुक्ति पर वरिष्ठ नेता अपनी टांग अड़ा रहे थे इसी लिए नियुक्तियों में विलंब हो रहा था। सरकार और संगठन जब नेताओं के दबाव में काम कर रहे थे तो संघ ने बीच में एंट्री मारी और फिर राजनीतिक नियुक्तियों का क्रम शुरु हो गया। यही कारण है कि दो दिन के अंदर सीएम हाउस में लगातार दो बैठकें हुई। पहली बैठक मंगलवार की रात हुई तो दूसरी बैठक बुधवार दोपहर हुई। इस बैठक में अजय जामवाल,शिव प्रकाश सहित संघ के अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। तो वहीं संगठन की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कुछ चुनिंदा पदाधिकारी शामिल हुए। सरकार की तरफ से सीएम मोहन यादव के अलावा दो मंत्रियों को शामिल किया गया। बैठक में राजनीतिक नियुक्तियों से लेकर प्रदेश कार्यसमिति को लेकर चर्चा हुई। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार सभी प्रकार की नियुक्तियों को तत्काल पूरा करने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि अप्रैल महीने में ही प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा होनी थी लेकिन नेताओं की आपसी खींचतान के चलते प्रदेश कार्य समिति पर सहमति नहीं बन रही थी जिसके कारण संघ को बीच में आना पड़ा। मुखबिर को जो खबर मिली है उसके मुताबिक सीएम हाउस में हुई संघ,संगठन और सरकार की बैठक में कार्यसमिति के नामों को तय कर लिया गया है। सभी नामों पर एक रिव्यू रिपोर्ट तैयार की जाएगी और यह भी पता किया जा रहा है कि कार्यसमिति में शामिल होने वाले नेता विवादित तो नहीं हैं अथवा पार्टी विरोधी गतिविधियों में उनका नाम तो नहीं रहा है। क्योंकि निगम-मंडलों की आई लिस्ट में सरकार और संगठन से बढ़ी चूक हो चुकी है। जिसके तहत कुछ ऐसे नेताओं को निगम-मंडल में शामिल किया गया है जो पार्टी से निष्काशित थे। उसके बाद भी उन्हें मौका दे दिया गया। अब सरकार और संगठन भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
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