पांच माह से नहीं बढ़ा एमपी के शासकीय कर्मचारियों का DA हर महीने दो से तीन हजार का हो रहा नुकसान
मध्यप्रदेश के 7 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का इंतजार लंबा होता जा रहा है। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी से DA 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया, लेकिन राज्य सरकार के कर्मचारियों को अभी भी 58% की दर से ही भत्ता मिल रहा है। इस वजह से कर्मचारियों का बजट गड़बड़ा गया है।
केंद्र ने दिया, राज्य में लटकाया
भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों का DA 2% बढ़ाकर 60% कर दिया है। इसका लाभ प्रदेश संवर्ग के अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी 1 जनवरी से दे दिया गया है। लेकिन राज्य के कर्मचारियों को अभी तक बढ़ा हुआ DA नहीं मिला। अभी उन्हें 58% की दर से ही महंगाई भत्ता दिया जा रहा है।
महंगाई से बजट बिगड़ा, संघ ने उठाई मांग
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने महंगाई का हवाला देते हुए DA 58% से बढ़ाकर 60% करने की मांग की है। संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि महंगाई का सामना करने के लिए DA और राहत दी जाती है। अप्रैल में गैस 60 रु महंगी हुई और मई में पेट्रोल-डीजल के दाम 4 बार बढ़े। ऐसे में कर्मचारियों का घर का बजट बिगड़ गया है।
"विलंब का कोई मतलब नहीं"
मंत्रालयीन अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक से जब मुखबिर की बात हुई तो उन्होने कहा कि जब सैद्धांतिक निर्णय हो चुका है कि भारत सरकार जिस तिथि से DA बढ़ाएगी, तभी से उसका लाभ मिलेगा, तो इसमें अनावश्यक विलंब करने का कोई मतलब नहीं है।
अखिल भारतीय सेवा को मिल चुका लाभ
फिलहाल सिर्फ अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को 1 जनवरी से 2% DA बढ़ोतरी का लाभ दिया जा चुका है। राज्य के बाकी कर्मचारियों को अभी भी बढ़ोतरी का इंतजार है।
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