'जब फैसला मन का न हो तो अदालत भी गलत लगती है' भाजपा शह मीडिया प्रभारी अंशुल तिवारी ने फिर खेली पोस्टर पॉलिटिक्स

Jun 14, 2026 - 19:16
Jun 14, 2026 - 19:24
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'जब फैसला मन का न हो तो अदालत भी गलत लगती है' भाजपा शह मीडिया प्रभारी अंशुल तिवारी ने फिर खेली पोस्टर पॉलिटिक्स

भोपाल में पोस्टर पॉलिटिक्स एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर एक पोस्टर लगाया गया है,जिसमें उनके हालिया बयानों पर सवाल खड़े किए गए हैं। खास बात यह है कि इससे पहले भी भाजपा नेता अंशुल तिवारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को "पंचमुखी नाग" बताने वाला पोस्टर लगाकर चर्चा बटोर चुके हैं। अब नया पोस्टर सामने आने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने लगाए गए पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के EVM, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को लेकर दिए गए बयानों को आधार बनाकर उन पर निशाना साधा गया है। पोस्टर में लिखा है— "जब फैसला मन का न हो, तो अदालत भी गलत है?" साथ ही सवाल उठाया गया है कि पहले EVM, फिर चुनाव आयोग, सरकार और अब सुप्रीम कोर्ट पर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं। पोस्टर में दिग्विजय सिंह को "वरिष्ठ बयानवीर" बताते हुए उनके कथित बयानों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इससे पहले भाजपा के शह मीडिया प्रभारी अंशुल तिवारी द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को "पंचमुखी नाग" बताने वाला पोस्टर भी लगाया गया था, जिसने प्रदेश की राजनीति में खूब हलचल मचाई थी। हालांकि भाजपा ने इस पोस्टर से औपचारिक दूरी बना ली है, लेकिन पोस्टर में लिखी बातों पर सहमति जताकर कांग्रेस पर हमला भी बोला है। दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हताशा का प्रतीक बताते हुए कहा है कि 'हम इस पूरे मामले को जनता की अदालत में लेकर जाएंगे' जनता ही तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत।"हालांकि कुछ कांग्रेसियों ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर को फाड़ दिया और दिग्विजय सिंह जिंदाबाद के नारे लगाते दिखे। प्रदेश में राज्यसभा चुनाव और मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद के बीच शुरू हुई सियासी बयानबाजी अब पोस्टर वॉर में बदलती नजर आ रही है।

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