निर्वाचन आयोग के हाथ में दतिया का भविष्य तारीख का इंतजार 'संकट मोचक' पर सबकी नजर
दतिया मध्य प्रदेश की राजनीति का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। दरअसल यहां से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को न्यायालय से राहत नहीं मिलने और फिर 29 जुलाई को अगली सुनवाई का आदेश होने के बाद अब चुनाव की स्थिति स्पष्ट नजर आ रही है। जिस प्रकार से राजेन्द्र भारती ने साम,दाम दंड,भेद जैसी सारी रणनीति अपनाई और उसके बाद भी उन्हें राहत नहीं मिलने से यह साफ हो गया है कि अब दतिया का भविष्य निर्वाचन आयोग नए सिरे से तय करेगा। गौरतलब है कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राजेन्द्र भारती ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी लेकिन उनकी खुशी ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाई और ढाई साल में ही उनका 25 साल पुराना भ्रष्टाचार भारी पड़ गया। गौरतलब है कि इस सीट से पूर्व गृह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा लगातार चुनाव जीतते रहे हैं लेकिन साल 2023 उनके लिए अच्छा नहीं रहा और वो चुनाव हार गए। लेकिन अब एक बार फिर किस्मत पूर्व गृह मंत्री का दरवाजा खटखटा रही है। दतिया मध्य प्रदेश के बेहद पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता था। जब से डाक्टर नरोत्तम मिश्रा ने दतिया को अपना नया चुनावी आशियाना बनाया तभी से दतिया के उद्धार का वक्त शुरु हो गया। मां पीतांबरा के अनन्य भक्त डाक्टर नरोत्तम मिश्रा ने दतिया को फर्ष से अर्ष तक पहुंचाने में अपनी सारी क्षमता लगा दी। और दतिया को मध्य प्रदेश के नक्शे में जीवित कर दिया। लेकिन जनता की भूख बढ़ती गई शायद उनके मन में नए चेहरे को मौका देने का विचार आया जिसका परिणाम था राजेन्द्र भारती की जीत और पूर्व गृह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा की हार। पूर्व गृह मंत्री दतिया से चुनाव जरुर हारे लेकिन उन्होंने वहां की जनता से दूरी बनाने के बजाय उनके साथ में ही खड़े रहे। दिन रात दतिया के जनता की सेवा को ही अपनी पूजा समझा। दतिया से लेकर भोपाल तक पूर्व गृह मंत्री वहां की जनता के लिए खड़े रहे। इस बीच पूर्व गृह मंत्री ने डबरा को भी नवग्रह मंदिर देकर उनके दुख को दूर करने और जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया। राजनीतिक हालात के हिसाब से पूर्व गृह मंत्री के लिए एक बार फिर मौका मिलने की संभावना प्रबल है। उम्मीद है दतिया के चुनावी रण का निर्वाचन आयोग जल्द ही शंखनाद करेगा।
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