क्या 'ब्राह्मण' नेता होने के कारण हेमंत कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद से स्तीफा दिया या फिर उसके पीछे कुछ और वजह
बजट सत्र के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अटेर विधायक हेमंत कटारे ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। अब तक उनके इस्तीफे को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हेमंत कटारे ने कहा कि विधानसभा में गंभीर और जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही, इसी पीड़ा के चलते उन्होंने अपने पद से कार्यमुक्त होने की भावना राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर जताई है। इस्तीफे के पीछे दबाव या कमजोर पड़ने के आरोपों को खारिज करते हुए कटारे ने साफ कहा कि उनकी आवाज पहले से ज्यादा मजबूती से सदन में गूंजेगी। केस री-ओपन होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे चंबल की मिट्टी से हैं, FIR से डरने वाले नहीं। होती है तो पार्टी करते हैं। ऐसे मामलों में और मजबूती से खड़े रहते हैं। कटारे के इस्तीफे को लेकर Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार कटारे ने इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि वो पार्टी के अंदर दबाव महसूस कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ओबीसी वर्ग से आते हैं और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आदिवासी वर्ग से आते हैं। पार्टी की मीटिंगे होती हैं तो हेमंत कटारे को महत्व भी नहीं दिया जाता है। ब्राह्मण होने के कारण उन्हें पार्टी में अक्सर साइड लाइन करने का प्रयास किया जाता है। पार्टी में लगातार उपेक्षा झेल रहे हेमंत कटारे ने इस्तीफा देने का मन बना लिया और राष्ट्रीय नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेज दिया।
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