नियमितीकरण की मांग को लेकर बिजली कर्मियों का बड़ा आंदोलन,बगैर परीक्षा सीधे भर्ती की मांग
मध्य प्रदेश बिजली विभाग में सालों से संविदा और आउट सोर्स पर काम कर रहे बिजली कर्मियों कज धैर्य का बांध अब फूटने की कगार पर है। हजारों की संख्या में प्रदेश भर में काम कर रहे विद्युत कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर कई तरह के विरोध प्रदर्शन किया लेकिन प्रदेश सरकार का दिल विद्युत कर्मियों के प्रदर्शन से नहीं पसीजा। लिहाजा अब गुस्साए विद्युत कर्मी रविवार को राजधानी में बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। गौरतलब है कि नियमितीकरण की मांग को लेकर विद्युत कर्मियों ने सरकार का ध्यानाकर्षण कराने के लिए प्रस्ताव दिया था। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने प्रदेश के 55 जिले के कलेक्टर एवं मंत्री सांसद विधायकों को ज्ञापन दिया। मंत्री,विधायक एवं सांसदों ने मुख्यमंत्री को नियमितीकरण के लिए अनुशंसा पत्र भी लिखा लेकिन उसमें सरकार ने किसी प्रकार का विचार नहीं किया। करीब पांच हजार की संख्या में संविदा कर्मी नियमितीकरण की मांग की मांग कर रहे हैं। सिर्फ एक सूत्रीय मांग को लेकर नियमित भर्ती होने से पहले बगैर परीक्षा सीधा बिजली संविदा कर्मी को नियमित करने की मांग की जाएगी। बरसों से कार्यरत संविदा कर्मी परीक्षा साक्षात्कार देकर विभाग में आए। यह सभी संविदा कर्मी करीब 10 से 15 साल से विभाग में काम कर रहे हैं। विद्युत विभाग द्वारा नए स्वीकृत नियमित पद 49263 पर, 5 हजार संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग की जा रही है। यह पूरा प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाई एवं इंजीनियर संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए यह प्रदर्शन किया जा रहा है जिससे सरकार मामले को संज्ञान में ले और कर्मचारियों को नियमित करे।
What's Your Reaction?