मीनाक्षी के चार 'नट' 'बिरदाबली' गाने को तैयार बांकी सारे नेता भीड़ का हिस्सा सपोर्ट में बोलने को नहीं कोई तैयार
मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शनिवार देर शाम कुछ नेताओं को छोड़ कर बांकी सभी वरिष्ठ नेता जुटे। मौका था मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा उम्मीदवारी को बचाए रखना और उन्हें दिल्ली भेजना। राहुल गांधी द्वारा तय किए गए नाम पर कांग्रेस का कोई नेता असहमति तो जता नहीं सकता लिहाजा सभी ने हाई कमान के सामने घुटने टेकते हुए कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होना ही उचित समझा। बैठक के माध्यम से कांग्रेस एकजुटता का परिचय भी देना चाहती थी लिहाजा सभी नेता आमने-सामने बैठे और तय हुआ कि मीनाक्षी नटराजन को किसी भी सूरत में राज्यसभा भेजना है। बैठक के बाद दिलचस्प पहलू उस वक्त देखने को मिला जब मीनाक्षी नटराजन के सपोर्ट में और उनके राजनीतिक सफर के बारे में सार्वजनिक रुप से बात करने के लिए कोई तैयार नहीं था। महज मीडिया विभाग की टीम के चार सदस्यों को छोड़ कर। मीनाक्षी के समर्थन में और राजनीतिक जीवन पर वो प्रवक्ता बोलने के लिए तैयार हुए जो विधायक भी नहीं हैं। और उनका मीनाक्षी से ज्यादा परिचय भी नहीं है फिर भी वो मीनाक्षी के करीबी होने का दंभ भरते रहे। उन प्रवक्ताओं को यह उम्मीद है कि वो राहुल गांधी की करीबी हैं लिहाजा कभी उन्होंने सपोर्ट किया तो उनको भी कोई पद मिल सकता है। मतलब साफ है कि मीनाक्षी के चार नट उनके राज का बखान करेंगे और मौके का इंतजार करेंगे कि कभी तो मीनाक्षी नटराजन उनके डूबते राजनीतिक सफर को तिनके की तरह सहारा देंगी।
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