राज्यसभा की तीन सीटों में 'ब्राह्मण' 'क्षत्रियों' से भाजपा ने बनाई दूरी एक विशेष जाति का बढ़ाया जा रहा वर्चस्व

Jun 8, 2026 - 07:56
 0  89
राज्यसभा की तीन सीटों में 'ब्राह्मण' 'क्षत्रियों' से भाजपा ने बनाई दूरी एक विशेष जाति का बढ़ाया जा रहा वर्चस्व

जिन ब्राह्मण और क्षत्रियों ने भाजपा को अपनी पार्टी मान कर अपने खून पसीने से सींच कर आज उस मुकाम तक पहुंचाया कि देश के करीब बीस राज्यों में भाजपा की सरकार है। आज उन्हीं ब्राह्मण और क्षत्रियों को भाजपा ने आइना दिखाने का काम किया है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा में इससे पहले आठ सांसद थे जिसमें एक भी ब्राह्मण और क्षत्रिय सांसद नहीं था। सामान्य वर्ग के बीच बढ़ती नाराजगी को देखते हुए भाजपा ने तीन उम्मीदवारों में एक सामान्य वर्ग से घोषित किया। जिसमें बनिया वर्ग को महत्व दिया गया। भाजपा की इस रणनीति के पीछे एक बड़ा कारण माना जा रहा है। मुखबिर द्वारा जब इस पूरे मामले में पड़ताल की गई तो पता चला कि जिस प्रकार से ओबीसी वर्ग,और दलित वर्ग के बीच प्रदेश में एक आंतरिक द्वंद की स्थिति बनी हुई है। लिहाजा भाजपा यहां एक बड़े वोटबैंक को साधने के लिए क्षत्रिय और ब्राह्मणों पर दांव खेलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों में जिस प्रकार से षड़यंत्र पूर्वक ब्राह्मणों को लगातार टारगेट किया जा रहा है खुलेआम गालियां दी जा रही हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं हो रहीं है इसी लिए भाजपा ने एक अलग ही ट्रैक तैयार कर ब्राह्मण और क्षत्रियों से दूरी बनानी शुरु कर दी है। लेकिन जब चुनावी रणनीति की बारी आती है तो ब्राह्मण और क्षत्रियों को ही आगे किया जाता है। किसी भी क्षेत्र में बिगड़ते समीकरण को साधना हो तब भी भाजपा ब्राह्मण अथवा क्षत्रिय को ही डैमेज कौट्रोल के लिए भेजती है। लेकिन जब मौके देने की बारी आती है तो भाजपा बड़े वोटबैंक साधने में लग जाती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow