NHM संविदा स्वास्थ कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी जब तक मांग पूरी नहीं तब तक जारी रहेगा संघर्ष
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत प्रदेश के करीब 32 हजार संविदाकर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी प्रदेशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश के सभी 52 जिलों में हड़ताल जारी है। NHM संविदा कर्मियों का आरोप है कि वर्ष 2023 में बनाई गई संविदा नीति को प्रशासन द्वारा प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में कर्मचारी अलग-अलग तरीकों से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। हड़ताल के दौरान कई स्थानों पर संविदाकर्मी श्रमदान और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी उपयोगिता भी बता रहे हैं। संविदाकर्मियों की प्रमुख मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) और स्वास्थ्य बीमा लागू करना, प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का निराकरण, नियमित कर्मचारियों जैसी छुट्टियां और समान काम के लिए समान वेतन शामिल हैं। संविदाकर्मियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। दरअसल इन संविदा कर्मियों से सरकार ने वादा किया और फिर अपने वादे पर सरकार ने अमर नहीं किया। लिहाजा सरकार और अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज संविदा कर्मियों को सड़क पर उतरना पड़ा है। और जिस प्रकार से संविदा कर्मी अपनी मांग को लेकर अड़े हैं उससे यह स्पष्ट है कि इस बार वो सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे। हांलांकि NHM संविदा कर्मियों की हड़ताल खत्म करने के लिए अलग-अलग तरह से प्रयास भी किए जा रहे हैं लेकिन संविदा कर्मी अपनी मांग को लेकर कड़े हैं। और 11 जून को राजधानी में बड़ा आंदोलन होने की संभावना है।
What's Your Reaction?