जिसे भाजपा ने निकाला वही मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बने और अब राज्यसभा उम्मीदवार होंगे
मध्य प्रदेश भाजपा की कहानी भी अजब और गजब है। जिस नेता को भाजपा ने साल 2022 में पार्टी विरोधी गतिविधियां संचालित करने के आरोप में बाहर का रास्ता दिखाया था उसी महेश केवट को भारतीय जनता पार्टी ने पहले मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष उसके बाद राज्यसभा के तीसरे उम्मीदवार के तौर पर उतार कर उनका सम्मान बढ़ाया है। इसके साथ ही भाजपा नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा में ब्राह्मणों और क्षत्रियों के लिए जगह नहीं बांकी सभी वर्गों के लिए स्थान है। यहां पर एक और सवाल उठता है कि महेश केवट को पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा के कार्यकाल में पार्टी से बाहर किया गया था। उसके बाद महेश केवट की पार्टी में दोबारा ज्वाइनिंग कब हुई आज तक पार्टी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है। उल्टे पार्टी से निकाले जाने वाले महेश केवट का लगातार प्रमोशन किया जा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट नजर आने लगा है कि पूर्व अध्यक्ष के फैसलों को किस प्रकार से पलटा जा रहा है। भाजपा को एक अनुशासित पार्टी माना जाता है। और यहां पर जो भी कार्यकर्ता पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होता है ऐसे आदमियों पर तुरंत विश्वास नहीं दिखाया जाता लेकिन भाजपा के नए नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब भाजपा बदल चुकी है। जीत के लिए अपने ही निर्णय को बदलने में कोई गुरेज नहीं है।
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