संविदा स्वास्थ्य कर्मियों पर सरकार की 'दमनकारी' कार्रवाई शुरु सरकार का अल्टीमेटम काम पर लौटें वरना सेवा समाप्त
मध्यप्रदेश में हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को सरकार ने सख्त अल्टीमेटम दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि आज शुक्रवार को काम पर नहीं लौटे तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
9 जिलों में हड़ताल, आपातकालीन सेवाओं पर असर नहीं
प्रदेश के 9 जिलों में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि आपातकालीन सेवाओं में बाधा नहीं आने दी गई है।
'जनता को परेशान नहीं होने देंगे': सरकार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने कहा कि हड़ताल पर गया स्टाफ काम पर नहीं लौटा तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि जो कर्मचारी आज ड्यूटी जॉइन नहीं करेंगे, उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है कर्मचारियों की मांग?
1. नियमितीकरण: संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
2. वेतनमान: 2023 में बनाई गई समिति की अनुशंसा लागू कर वेतन बढ़ाया जाए।
3. बकाया वेतन: 1 जुलाई 2023 से लागू होने वाले नए वेतनमान का एरियर दिया जाए।
25 मई से हड़ताल पर हैं कर्मचारी
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 25 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार 2023 में बनी समिति की सिफारिशों को लागू नहीं कर रही है। सरकार ने समिति की रिपोर्ट के आधार पर वेतन बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन ने कहा- बातचीत के दरवाजे खुले हैं
NHM के अधिकारियों का कहना है कि सरकार बातचीत को तैयार है, लेकिन मरीजों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हड़ताली कर्मचारियों से तुरंत काम पर लौटने की अपील की गई है।
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