हितानंद शर्मा की विदाई से जागी निगम-मंडलों के नियुक्ति की आस जल्द जारी होगी सूची
मप्र भाजपा में लंबे समय से प्रदेश संगठन महामंत्री का दायित्व संभाल रहे हितानंद शर्मा शर्मा को आखिरकार संघ में वापस बुला लिया गया है और अब वो क्षेत्र सह बौद्धिक प्रमुख के तौर पर नया दायित्व संभालेंगे। हितानंद की संगठन महामंत्री पद से छुट्टी होते ही अब तय हो गया है कि निगम-मंडलों में आ रही अड़चनें भी खत्म हो गई हैं। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार हितानंद शर्मा के कारण ही निगम-मंडल की सूची जारी करने में दिक्कत आ रही थी क्योंकि वो भी चाहते थे कि उनके कुछ करीबियों को निगम-मंडल में उपक्रित किया जाए जिसको लेकर सीएम मोहन यादव तैयार नहीं थे। बार-बार निगम-मंडलों की सूची तैयार की जा रही थी और उसमें कोई न कोई व्यवधान पैदा कर रोका जा रहा था जो प्रदेश नेतृत्व और सरकार को पसंद नहीं आ रहा था। बताया यह भी जाता है कि प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन होने के बाद ही संगठन महामंत्री भी बदला जाना था लेकिन किसी न किसी कारण वस हितानंद का कार्यकाल बढ़ता रहा और वो सरकार से लेकर संगठन की प्रत्येक नियुक्तियों और कामों पर अपना दबाव बनाते रहते थे। जिलों के अध्यक्षों का निर्वाचन हो अथवा जिलों की कार्यकारिणी सभी जगहों पर हितानंद शर्मा ने जमकर अपनी मर्जी चलाई आखिरकार संघ की तरफ से उनके लिए फरमान जारी कर वापस बुला लिया गया। हितानंद शर्मा के रहते 74 बंगले का B-6 पावर हाउस बन चुका था जो सीएम और प्रदेश अध्यक्ष की आंखों में किरकिरी की तरह चुभ रहा था। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार हितानंद शर्मा और तत्कालीन अध्यक्ष वीडी शर्मा के बीच भी संबंध ठीक नहीं थे क्योंकि वो हर जगह और हर काम में दखल देने का प्रयास करते थे जो पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा को पसंद नहीं था। नव निर्वाचित अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उसी तरह परेशान थे और खुद को असहाय सा महसूस करते थे। इन्ही सब शिकायतों के चलते संघ ने बदलाव की योजना बनाई और हितानंद शर्मा को नया दायित्व सौंप कर प्रदेश संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया। फिलहाल हितानंद शर्मा की जगह किसी को नियुक्त नहीं किया गया है लेकिन कार्यवाहक के तौर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नए प्रदेश संगठन महामंत्री की नियुक्ति होने तक कामकाज देखेंगे।
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