संतोष वर्मा के खिलाफ जारी नोटिस कहीं खानापूर्ति तो नहीं क्या सरकार उसके खिलाफ ऐक्शन लेगी
आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने जिस प्रकार से ब्राह्मण बेटियों के खिलाफ अभद्र टिप्पड़ी की थी उसके बाद प्रदेश भर में ब्राह्मण वर्ग आक्रोशित था। लगातार प्रदेश भर में कार्रवाई की मांग हो रही थी। अलग-अलग जिलों में संतोष वर्मा के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई गई। मौके की नजाकत को देखते हुए आखिरकार राज्य सरकार की नींद खुली और सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से बुधवार शाम को एक नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। गौरतलब है कि आइएएस संतोष वर्मा ने अजाक्स के एक कार्यक्रम में ब्राह्मण बेटियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था जिसके कारण प्रदेश भर में संघर्ष की स्थिति निर्मित हो गई थी। हांलाकि जब मामला गंभीर हुआ तो संतोष वर्मा ने मांफी मांगी लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। क्योंकि जिस प्रकार से ब्राह्मण वर्ग पर संतोष वर्मा ने सीधे अटैक किया उससे यह स्पष्ट नजर आ रहा था कि संतोष वर्मा के मन और दिमाग में ब्राह्मण वर्ग के प्रति कितना गुस्सा भरा हुआ है। जिसके कारण ही उन्होंने इस प्रकार का बयान दिया। फिलहाल अब सात दिन के अंदर उन्हें नोटिस का जवाब देना है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह नोटिस सिर्फ खानापूर्ति है अथवा इसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी होगी। क्योंकि वीडियो सोशल मीडिया में बहुप्रसारित हो रहा है जो संतोष वर्मा के गुनाहों को साबित करने के लिए पर्याप्त है। यहां पर यह भी देखना होगा कि सरकार की मंशा पवित्र है अथवा नहीं क्योंकि सरकार अक्सर वोट बैंक के फायदे को तबज्जों देती है इसी लिए यह नोटिस भी संदेह के दायरे में है।
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