अमित शाह की तस्वीर को ध्यान से देखिए जिसमें एमपी के भविष्य का सियासी 'अभ्युदय' साफ दिखाई दे रहा
मप्र सरकार सफलता के दो वर्ष मना रही है लेकिन इस सफलता के बीच भविष्य की एक ही खिचड़ी भी पक रही है। इतिहास इस बात का गवाह है जब भी पीएम मोदी और अमित शाह ने किसी नेता की तारीफों के कसीदे पढ़े हैं तो उस नेता की लंका लगी है। ग्वालियर में आयोजित 'अभ्युदय' कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर सीएम मोहन यादव तक की जमकर तारीफ की। तारीफ तक तो सब ठीक था लेकिन मंच में जब नेताओं का स्वागत हो रहा था तो वहां की जो तस्वीर सामने आई वो चौकाने वाली थी। जब तक तस्वीर को आप ध्यान से देखिए तब तक और भी बात कर लेते हैं। भारतीय जनता पार्टी में भाई साहब का कल्चर चलता है। इस पार्टी में महाराज अथवा राज घराने के लिए कोई महत्व नहीं दिया जाता है। भाजपा में कार्यकर्ता भाव चलता है और काम के हिसाब से कार्यकर्ताओं का प्रमोशन होता है। लेकिन जिस प्रकार से केन्द्रीय गृह मंत्री ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को महाराज कह कर संबोधित किया तो मंच पर मौजूद किसी भी नेता को विश्वास नहीं हो रहा था। इस बात में कोई सक नहीं कि भारतीय जनता पार्टी में ज्योतिरादित्य को भविष्य के हिसाब से ही लाया गया था। जिस प्रकार से मंच में स्वागत के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बगल में ज्योतिरादित्य सिंधिया जनता का अभिवादन करते नजर आए उससे भाजपा की राजनीति अलग ही करवट बदलती नजर आई। जबकि प्रोटोकाल के हिसाब से केन्द्रीय गृह मंत्री के बगल में सीएम मोहन यादव को होना चाहिए लेकिन उसके ठीक उलट ही तस्वीर नजर आई। प्रदेश के मुखिया पीछे खड़े नजर आए। इस तस्वीर को जिसने करीब से देखा वो अब तक भविष्य का विश्लेषण कर रहा है।
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