मध्य प्रदेश कांग्रेस ने चार जिलों की कार्यकारिणी भंग कर जिला अध्यक्षों को दिया बड़ा झटका
मध्य प्रदेश कांग्रेस की चार जिलों की हाल ही में घोषित कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। कांग्रेस की तरफ से जिन जिलों की कार्यकारिणी भंग की गई है उनमें छिंदवाड़ा, सागर, मऊगंज और झाबुआ शामिल हैं। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार यहां एआइसीसी की गाइडलाइन का पालन न करते हुए जंबो कार्यकारिणी का गठन किया गया था। जबकि एआइसीसी की गाइडलाइन में यह संख्या सीमित की गई है। अब नई गाइडलाइन के अनुसार कार्यकारिणी गठित की जाएगी। अन्य जिलों में भी इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। एआइसीसी के स्पष्ट निर्देश हैं कि छोटे जिलों में कार्यकारिणी की अधिकतम सदस्य संख्या 31 और बड़े जिलों में 51 से अधिक नहीं होनी चाहिए। गाइडलाइन में कहा गया है कि अत्यधिक बड़े संगठनात्मक ढांचे से कार्यकुशलता प्रभावित होती है और जवाबदेही कमजोर पड़ती है। इसलिए सभी राज्यों को संतुलित और सीमिति संख्या वाली कार्यकारिणी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि हफ्ते भर पहले प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने भी कहा था कि जिलों की कार्यकारिणी ज्यादा बड़ी नहीं रखना है उसके बाद भी कुछ जिलों की कार्यकारिणी बड़ी रखी गई थी लिहाजा अब उसके खिलाफ पार्टी ने बड़ा ऐक्शन लिया है।
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