नरोत्तम मिश्रा का इमोशनल ब्लॉकबस्टर पंच कहा 'जेल जाऊंगा पर कार्यकर्ता को हाथ नहीं लगाने दूंगा'
उपचुनाव आया नहीं कि एक्शन शुरू। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया की धरती पर पैर रखते ही पुलिस-प्रशासन को लाइव वार्निंग दे दी। मुद्दा? "मेरे कार्यकर्ताओं को छेड़ा तो..."
मंच से मिश्रा जी का डायलॉग सीधा फिल्मी था -
"किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे। निर्दोष पर कार्रवाई हुई तो मैं जेल भी जाऊंगा, पर साथ नहीं छोडूंगा।"
सुनकर कार्यकर्ताओं में तालियों की गड़गड़ाहट और प्रशासन में सन्नाटा।
"वीडियो मेरे पास है" वाला सीन
नाराजगी का कारण भी बताया। बोले भाजपा कार्यालय पर आंसू गैस चली, गाड़ियां टूटीं। और सबूत? "वीडियो मेरे पास मौजूद हैं।"
SP साहब को भी याद दिला दिया कि वे "भूलने वालों में से नहीं हैं। समय आने पर हिसाब होगा।" यानी ट्रेलर दिख गया, पिक्चर अभी बाकी है।
शपथ, संकल्प और इमोशन का तड़का
इसके बाद हुआ इमोशनल टर्न। कार्यकर्ताओं को पीतांबरा माई की शपथ दिलाई गई। उद्देश्य एक ही - भाजपा के पक्ष में वोट पक्का।
मिश्रा जी ने संगठन को "सर्वोपरि" बताया और कार्यकर्ताओं की एकजुटता को भाजपा की "ब्रह्मास्त्र" करार दिया।
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी माई को साक्षी मानकर कह दिया -
"जब तक तन में प्राण हैं, आपके सम्मान पर आंच नहीं आने देंगे।"
मतलब कार्यकर्ता सेफ, टेंशन फ्री होकर चुनाव लड़ो।
नतीजा?
बैठक खत्म होते-होते कार्यकर्ता फुल जोश में। नारे लगे, संकल्प लिए गए और दतिया में चुनावी गर्मी अपने पीक पर पहुंच गई।
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