कांग्रेस कितनी भी बाड़ेबंदी करे भाजपा ने कच्ची गोटियां नहीं खेली हैं जीतू पटवारी उमंग सिंघार और हरीश चौधरी के भविष्य पर 'ग्रहण' लगना तयं
मध्य प्रदेश भाजपा ने राज्यसभा के तीसरे उम्मीदवार का नामांकन भरवा कर तीन नेताओं के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया। पिछले साल संगठन सृजन अभियान चला कर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन को मजबूत करने का खूब प्रयास किया लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था कि उनकी असली अग्नि परीक्षा राज्यसभा चुनाव में ही भाजपा ले लेगी। कांग्रेस ने जिस प्रकार से जीतू पटवारी,उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को फ्री-हैंड दे रखा था अब उस फ्री-हैंड की परीक्षा राज्यसभा चुनाव में होने जा रही है। इस बात में कोई सक नहीं कि मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा के लिए राहुल गांधी ने चयन किया था। लिहाजा अब राहुल के फैसले पर कोई नेता उंगली तो उठा नहीं सकता इसी लिए मरते-क्या न करते जैसी स्थिति के बीच कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भरवा दिया है। वहीं भाजपा ने महेश केवट का तीसरे उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरवा कर कांग्रेस नेतृत्व के गाल पर जोरदार 'तमाचा' जड़ दिया है। अब अगर कांग्रेस के तीनों नेता मीनाक्षी नटराजन को चुनाव जिताने में नाकाम रहे तो पद में रहते हुए उनका आखिरी चुनाव भी हो सकता है। क्योंकि संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस के पास पर्याप्त विधायक हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी भी कच्ची गोटियां कभी नहीं खेलती है। भाजपा ने अगर महेश केवट को चुनाव मैदान में उतारा है तो उसके पहले सारी व्यवस्था भाजपा नेताओं ने पहले ही कर ली होगी। जब तक कांग्रेस ने बाड़ेबंदी की तब तक भाजपा खेला कर चुकी थी। मतलब साफ है कि तीसरी सीट भाजपा जीतने जा रही है। अब कांग्रेस अपनी सेफ्टी के लिए विधायकों को कितना भी अज्ञातवास में रख लें लेकिन यह तो भाजपा ही तय करेगी कि जीतू पटवारी,उमंग सिंघार,और हरीश चौधरी का भविष्य क्या होगा। भाजपा ने जिस प्रकार का चक्रव्यूह रचा है उसको तोड़ने के लिए कांग्रेस के पास कोई भी अभिमन्यु नहीं है। चुनाव अब दिलचस्प मोड़ ले चुका है। टी20 जैसी स्थिति बन चुकी है। जहां आखिरी बार में सिक्सर के अलावा कुछ नहीं चाहिए अन्यथा हार तय है।
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