दूषित पानी से अपनी राजनीति चमकाने इंदौर आ रहे राहुल गांधी छिंदवाड़ा में हुई मासूमों की मौत पर टाइगर सफारी का ले रहे थे मजा
देश की राजनीति का स्तर इतना गिर चुका है कि मौतों पर राजनीति करना नेताओं को खूब रास आता है। हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों पर देश की राजनीति खुद को स्वच्छ रखने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी दूषित पानी से अपनी राजनीति को चमकाने की मंशा से इंदौर दौरे पर आ रहे हैं। यहां उनका दौरा होना दिक्कत नहीं लेकिन सवाल इस बात का उठ रहा है कि करीब दो महीने पहले छिंदवाड़ा में जहरीला कप सिरप पीने से कई मासूमों की जान चली गई थी उस वक्त राहुल गांधी कहां थे। मासूम बच्चों के मौत की खबरें आए दिन मिल रही थी तब भी राहुल गांधी का दिल नहीं पसीज रहा था। राहुल गांधी की संवेदनशीलता की पराकाष्ठा तो उस वक्त देखने को मिली जब वो पचमढ़ी में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में आए और टाइगर सफारी का मजा लेते नजर आए। राहुल गांधी के पास टाइगर सफारी का मजा लेने के लिए समय था लेकिन वहीं से ठीक 70 किलोमीटर की दूरी पर जहरीला कप सिरप पीने से हुई बच्चे की मौत पर उनके परिजनों से मिलने के लिए उनके पास समय नहीं था। एक तरफ छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत का मातम पसरा था और दूसरी तरफ राहुल गांधी टाइगर सफारी में ठहाके लगा रहे थे। अब इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत का मामला देश भर में मुद्दा बना हुआ है। खासकर संबंधित विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया कर्मी से जिस प्रकार से अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए घंटा शब्द का इस्तेमाल किया तो मामला और संगीन हो गया। अब जब स्थिति सामान्य होने चली है तो राहुल गांधी को भी लगा कि शायद दूषित पानी से ही उनकी राजनीति चमक जाए लिहाजा 11 जनवरी को राहुल गांधी इंदौर पहुंच कर अपनी संवेदनशीलता का जनता के सामने परिचय देने आ रहे हैं कि जनता के दर्द का उन्हें अहसास है और वो विपक्ष में भले हैं लेकिन जनता के दुख में खड़े हैं। राहुल गांधी की यही संवेदनशीलता उनके नेताओं में भी देखने को मिलती है। इतनी मौतों पर भी कांग्रेस नेता अलग थलग नजर आए और वो बूथ चलो अभियान यात्रा में व्यस्त रहे। उमंग सिंघार अपनी राजनीति चमका रहे थे दिग्विजय सिंह SIR पर राजनीतिक रोटी सेंक रहे थे और जीतू पटवारी बूथों की ओर घूम रहे थे लेकिन उन्हें इंदौर में हुई मौतों का दर्द नहीं दिख रहा था। इतने बड़े मामले में कांग्रेस एक भी बड़ा आंदोलन खड़ा करने में नाकाम रही और उसी दूषित पानी से अब राहुल गांधी अपनी राजनीति को चमकाने के लिए इंदौर का दौरा करने जा रहे हैं।
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