राजनीति की डूबती नैया को इंदौर के दूषित पानी से पार लगाने आएंगे राहुल गांधी पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात
चुनावों में लगातार हार का सामना कर रहे राहुल गांधी अब इंदौर के दूषित पानी कांड में एंट्री कर अपनी राजनीति को चमकाने के लिए 17 जनवरी को इंदौर आ रहे हैं। ये वही राहुल गांधी हैं जिन्हे छिंदवाड़ा में जहरीला सिरप पीने से हुई मासूमों की मौत पर उनके परिजनों के आंसू नहीं भिगा पाए। ऐसा भी नहीं कि जहरीला सिरप कांड के दौरान राहुल गांधी एमपी नहीं आए थे। वो उस दौरान एमपी के पचमढ़ी जरुर आए लेकिन प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए और टाइगर सफारी का मजा लिया लेकिन 70 किलोमीटर का सफर करने के लिए उनके पास समय नहीं था। और अब इंदौर में दूषित पानी का मामला चल रहा है जिसमें कांग्रेस नेताओं की भूमिका सरकार से ज्यादा संदेह के दायरे में नजर आई। दरअसल कांग्रेस विपक्ष में है सत्ता पक्ष की तरफ से जो भी ग़लत हो रहा है उसमें कांग्रेस का आवाज उठाना काम है लेकिन जिस प्रकार से इंदौर में दूषित पानी का मामला आया वहां पर कांग्रेस की तरफ से अपेक्षित विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। उल्टे कांग्रेस के नेता अपनी यात्राओं में व्यस्त थे। जब एमपी कांग्रेस नेताओं की तरफ से इस पूरे मामले में गंभीर कार्रवाई नहीं दिखी न ही कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन दिखा तो राहुल गांधी ने खुद ही इंदौर आने की योजना बनाई। राहुल गांधी का इंदौर दौरा पहले 11 जनवरी को तय हुआ था लेकिन काफी कारण वस वो दौरा रद्द हो गया और अब कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी के आने की 17 तारीख तय की गई है। गौरतलब है कि दूषित पानी मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित बयान घंटा शब्द देश भर में सुर्खियों का विषय बना हुआ था लिहाजा अब घंटे की गूंज को और तेज करने के लिए राहुल गांधी ने इंदौर आने की योजना तैयार कर ली है।
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