भाजपा के संपर्क में कांग्रेस के कई विधायक राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग संभव टेंशन में कांग्रेस
राज्यसभा की तीन सीटें जून के महीने में खाली हो रही हैं। उन तीनों सीटों के लिए अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना है। एक सीट जीतने के लिए 58 सदस्यों के वोट की आवश्यकता है। 230 सदस्यीय विधानसभा के अनुसार भाजपा दो और कांग्रेस एक सदस्य को जिताने की स्थिति में है। लेकिन ओड़ीसा और हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान जिस प्रकार से क्रास वोटिंग हुई और बिहार में कांग्रेस के विधायक अनुपस्थित रहे उससे मध्य प्रदेश कांग्रेस के माथे में भी चिंता की लकीरें हैं। कांग्रेस के पास वर्तमान में 65 सदस्य हैं लेकिन सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत कर आई निर्मला सप्रे के विरुद्ध न्यायालय में दलबदल का मामला चल रहा है। वहीं श्योपुर के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा को राज्यसभा सीट में वोटिंग का अधिकार नहीं दिया गया है। इन दो सदस्यों को हटाने बाद भी कांग्रेस के पास राज्यसभा एक सदस्य भेजने के लिए पांच सदस्य अतिरिक्त हैं। लेकिन जिस प्रकार से कांग्रेस के कुछ विधायक भाजपा के संपर्क में हैं उससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव के दौरान क्रास वोटिंग होना तय है। कांग्रेस के कुछ विधायक हैं जो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से नाराज हैं और उनकी नज़दीकी भाजपा सरकार और संगठन से बढ़ी है। करीब दस विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और वो ऐन मौके पर क्रास वोटिंग कर प्रदेश अध्यक्ष को करारा जवाब देने की तैयारी में हैं। हांलांकि कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद अभी से शुरु कर दी है। और खबर यह भी है कि वोटिंग से पहले कांग्रेस विधायकों को अज्ञातवास भेजा जा सकता है जिससे विधायकों पर का भाजपा से संपर्क न होने पाए और कांग्रेस अपनी सीट को सुरक्षित रख पाए।
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