2023 से सबक लेकर कांग्रेस अभी से बूथों पर तैनात करेगी टीम,कठिन परीक्षण के बाद कार्यकर्ताओं का होगा चयन
संगठन सृजन अभियान के अंतिम दौर में चल रही मप्र कांग्रेस अब बूथों को मजबूत करने की योजना बना रही है। कांग्रेस पार्टी ने साल 2023 से सबक लेते हुए अभी से बूथों पर 73 हजार कार्यकर्ता तैनात करने का फैसला किया है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए कांग्रेस सक्रियता के आधार पर कार्यकर्ताओं का चयन करेगी। विधानसभा क्षेत्र प्रभारी इनका सत्यापन करेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य प्रभारी से इस पर मुहर लगवाई जाएगी। अगर दोनों की रिपोर्ट कार्यकर्ता के पक्ष में आती है तो फिर जिला अध्यक्ष इन्हे नियुक्त करेंगे। प्रदेश कांग्रेस की तरफ से सभी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित और वो ही बूथ प्रबंधन का कार्य देखेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य पर नजर रखने का जिम्मा इनका ही होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस इस वर्ष को संगठन वर्ष के रुप में मना रही है। जिसमें हर स्तर पर नई टीम बनाई जा रही है। इसी कड़ी में 73 हजार मतदान केन्द्रों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा। दरअसल अभी तक स्थानीय विधायक या वरिष्ठ नेताओं के कहने पर बूथ प्रबंधन का जिम्मा दे दिया जाता था लेकिन इस बार बकायदा चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए दो स्तर पर जांच का प्रविधान रखा गया है। इन कार्यकर्ताओं के माध्यम से ही पार्टी बूथ स्तर पर कार्यक्रम संचालित करेगी। गौरतलब है कि साल 2023 से 24 के बीच कांग्रेस में जिस प्रकार से पलायन हुआ था उसके चलते पार्टी को चुनाव के दौरान पोलिंग एजेंट तक नहीं मिले थे। जिसको चुनाव में हार का बड़ा कारण माना जा रहा है। इसी लिए कांग्रेस अब अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर भविष्य की रणनीति पर अभी से काम कर रही है। चुनिंदा और मेहनती कार्यकर्ताओं का चयन कर उन्हे अभी से बूथ की जिम्मेदारी सौंप कर चुनाव की तैयारी में जुटने की कोशिश हो रही है। हांलाकि कांग्रेस की इस जमावट पर अब मप्र भाजपा भी काफी बारीकी से नजर रख रही है।
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