नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कथित जमीन खरीदी मामले में सीएम यादव पर हमला बोलते हुए कहा मोहन 'मौन'
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर जमीन खरीद को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 23 जून को प्रकाशित खोजी रिपोर्ट के तीन दिन बाद भी सीएम की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
'दुकान वही... दुकानदार नया!' - उमंग सिंघार का तंज
सिंघार ने कहा कि मोहन यादव ने 5 अक्टूबर 2017 को सिद्धिविनायक डेवकॉन्स के निदेशक पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद 30 सितंबर 2018 को उनके पुत्र वैभव यादव कंपनी के निदेशक बन गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "दुकान वही... दुकानदार नया!"
1. तीन दिन बाद भी मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल
➢ 23 जून 2026 को प्रकाशित खोजी रिपोर्ट में सीएम मोहन यादव के परिवार, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन जिले में बड़े पैमाने पर भूमि खरीद का खुलासा हुआ।
➢ रिपोर्ट के तीन दिन बाद भी मुख्यमंत्री की ओर से न कोई आधिकारिक बयान आया, न प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और न ही दस्तावेज सार्वजनिक किए गए।
➢ उमंग सिंघार: "यदि मुख्यमंत्री के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उन्हें स्वयं सामने आकर प्रदेश की जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।"
2. भाजपा के जवाब पर पलटवार
➢ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव की व्यक्तिगत भूमि होल्डिंग में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई। रिपोर्ट में उल्लिखित अधिकांश खरीद मास्टर प्लान लागू होने से पहले की गई।
➢ उमंग सिंघार का सवाल: "भाजपा कह रही है कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार स्वतंत्र नागरिक हैं और उन्हें भूमि खरीदने का अधिकार है। लेकिन यदि हर सवाल का जवाब केवल 'रिश्तेदार स्वतंत्र हैं' होगा, तो फिर जवाबदेही किसकी तय होगी?"
3. भूमि खरीद का पैटर्न: 'संयोग नहीं, जांच का विषय'
नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़े रखते हुए कहा:
➢ 2021 से पहले: परिवार के पास लगभग 82 एकड़ भूमि।
➢ 2021-2023: जब डॉ. मोहन यादव मंत्री थे, परिवार की भूमि होल्डिंग दोगुनी होकर 85 एकड़ अतिरिक्त बढ़ी।
➢ 2024-25: मुख्यमंत्री बनने के बाद मात्र दो वर्षों में लगभग 168 एकड़ भूमि खरीदी गई।
➢ उमंग सिंघार: "यह पैटर्न संयोग नहीं बल्कि गंभीर जांच का विषय है।"
4. परिवार एवं कंपनियों पर लगे आरोप
4.1 मुख्यमंत्री की पुत्रवधू द्वारा भूमि खरीद
➢ जून-जुलाई 2025 में पुत्रवधू शालिनी यादव ने उज्जैन के गंगेड़ी क्षेत्र में 12 प्लॉट, लगभग 10.35 एकड़ भूमि, ₹1.03 करोड़ में खरीदी।
➢ यह भूमि उज्जैन-बदनगर एवं उज्जैन-इंदौर हाईवे जंक्शन के निकट है।
4.2 सिद्धिविनायक डेवलपर्स से जुड़े तथ्य
➢ दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच कंपनी ने उज्जैन में 2.6 एकड़ भूमि ₹1.43 करोड़ में खरीदी।
➢ कंपनी की शेयरहोल्डिंग में डॉ. मोहन यादव एवं उनकी पत्नी सीमा यादव की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बताई गई।
➢ सितंबर 2024 में इसी कंपनी ने मुख्यमंत्री के चचेरे भाई को 12 एकड़ भूमि ₹6.01 करोड़ में बेची, जहां अब आवासीय परियोजना विकसित हो रही है।
4.3 अन्य पारिवारिक भूमि खरीद
➢ वैभव यादव एवं मंगलमूर्ति इंफ्राटेक द्वारा वर्ष 2023 में लगभग 30 एकड़ भूमि खरीदे जाने का उल्लेख।
➢ सिंघार का दावा: संबंधित क्षेत्र बाद में उज्जैन मास्टर प्लान-2035 में विकास क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया।
उमंग सिंघार की 6 बड़ी बातें
1. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तीन दिनों से चुप क्यों हैं?
2. यदि सब कुछ वैध है तो जनता के सामने तथ्य और दस्तावेज रखे जाएं।
3. केवल रिश्तेदारों की स्वतंत्रता का हवाला देकर जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता।
4. सत्ता में रहते हुए हुई भूमि खरीद और उससे जुड़े सभी लेन-देन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
5. मध्यप्रदेश की जनता पारदर्शिता चाहती है, चुप्पी नहीं।
6. मुख्यमंत्री स्वयं सामने आकर प्रदेश की जनता के हर सवाल का जवाब दें।
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