2018 जैसी भाजपा की हो सकती है स्थिति 'कॉकरोच' का मूवमेंट सही चला तो भाजपा से कटेगा युवा वोटर
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में है लेकिन उसकी बिसात बिछनी शुरु हो गई है। एमपी में आम तौर पर दो दलीय प्रथा है लेकिन जब भी कोई तीसरा दल सामने आया है तो उसका नुकसान भाजपा को हुआ और फायदा कांग्रेस को हुआ है। इस वक्त कॉकरोच (Cockroach) जनता पार्टी मध्यप्रदेश में दस्तक दे रही है। हांलांकि अभी इस पार्टी का कोई अस्तित्व और वजूद नहीं है लेकिन जिस गति से उसके पेज पर फालोअर की बाढ़ आ रही है उससे भाजपा का नेतृत्व भी सोच में पड़ गया है। कुछ ऐसा ही हाल 2018 में हुआ था जब स्पार्क्स पार्टी अस्तित्व में आई जिसमें कर्मचारी वर्ग का सपोर्ट मिला। वो पार्टी एक भी सीट जीतने में नाकाम रही थी लेकिन वोट भाजपा के हिस्से का वोट काटने में कामयाब रही। जिन सीटों में भाजपा का दो तीन हजार की हार जीत का मार्जिन था वहां पर सपाक्स ने भाजपा का वोट काटा और कांग्रेस के उम्मीदवार को जीत मिली। *कॉकरोच (Cockroach) एक ऐसा संगठन बन कर तैयार हो रहा है जिसके टारगेट में प्रदेश का युवा वर्ग है। जबकि युवा वर्ग ही भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। अगर कॉकरोच (Cockroach) का संगठन एमपी में खड़ा होता है और उनकी मुहिम एमपी में साल 2028 तक चलती रही तो भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी होना कोई बड़ी बात नहीं होगी। कॉकरोच (Cockroach) अगर भाजपा का दो से तीन फीसदी वोट काटने में कामयाब होती है तो भाजपा के सामने की राजनीति एक बार फिर करवट बदल सकती है। युवा वर्ग कांग्रेस के पास जाने को तैयार नहीं और भाजपा को वोट देने के मूड में नहीं ऐसी स्थिति में वो तीसरा विकल्प आजमा सकते हैं।
What's Your Reaction?