विजय शाह से नाराज बीजेपी संगठन अब एससी-एसटी वर्ग के युवा चेहरों को बढ़ाएगा आगे
केन्द्रीय नेतृत्व में हुए पीढ़ी परिवर्तन के बाद अब उसकी बानगी मध्य प्रदेश भाजपा में भी देखने को मिलने वाली है। भारतीय जनता पार्टी अब एससी-एसटी वर्ग के युवा और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने का काम करेगा जिससे साल 2028 तक भाजपा के पास एससी और एसटी वर्ग के नए चेहरे तैयार रहें। दरअसल जिस प्रकार से मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया के खिलाफ विवादित बयान दिया और फिर पार्टी से निकालने की स्थिति में दूसरी पार्टी बनाने का ऐलान किया उससे भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व काफी नाराज है। फिलहाल तो भाजपा नेतृत्व की तरफ से विजय शाह के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई क्योंकि विजय शाह पर कार्रवाई करने से भाजपा का आदिवासी वोट बैंक खिसक सकता था लिहाजा भाजपा ने विजय शाह के खिलाफ चुप्पी साधे रखने में ही अपनी भलाई समझा लेकिन इस घटना से भाजपा ने सीख जरुर ली और अब इसी लिए भाजपा अन्य एससी और एसटी चेहरों को तैयार करेगा जिससे भविष्य में ऐसी स्थितियां निर्मित होने से पहले पार्टी फैसले लेने की स्थिति में रहे। हांलाकि भाजपा नेतृत्व की तरफ से दुर्गादास उइके,सावित्री ठाकुर और सुमेर सिंह सोलंकी को आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास किया गया लेकिन यह नेता अपने क्षेत्रों तक ही सीमित रहे। एससी-एसटी बाहुल अन्य सीटों पर ये चेहरे कोई प्रभाव नहीं दिखा पाए यही कारण है कि अब भाजपा का प्रदेश नेतृत्व एक अलग ही रणनीति पर काम कर रहा है जिससे इन वर्गों से आने वाले नेताओं की कमी पार्टी में न रहे। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार एससी और एसटी वर्ग का वर्चस्व निगम-मंडलों की सूची में भी देखने को मिल सकता है। भाजपा यहां पर कुछ चेहरों को मौका देकर भविष्य की नींव रखने की कोशिश करने जा रही है। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की तरफ से प्रदेश भर में उन युवा नेताओं की खोज भी कराई जा रही है जो किसी कारण वस स्थानीय राजनीति तक ही सीमित हैं। लिहाजा ऐसी प्रतिभाओं की खोज कर भाजपा का नेतृत्व उन्हें आगे करेगा और भविष्य के विकल्पों को मजबूत करेगा। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टी कांग्रेस की बात करें तो वहां भी आदिवासी चेहरों पर लगातार फोकस किया जा रहा है। क्योंकि आदिवासियों ने जब भी पार्टी बदली है तो प्रदेश में सरकार बदली है। लिहाजा भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों तरफ से एससी-एसटी वर्ग की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की कवायद तेज चल रही है। मतलब साफ है कि आने वाले चुनाव काफी चेहरे बदले नजर आएंगे और युवाओं को बड़ी संख्या में मौका दिया जाएगा।
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