कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के चुनावी 'दक्षता' की लेगी परीक्षा पंचायत चुनाव में प्रत्यक्ष तरीके से करेगी समर्थन
मध्य प्रदेश कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले अपने कार्यकर्ताओं की थाह लेना चाहती है। पिछले साल हुए संगठन सृजन अभियान के तहत जिस प्रकार से पार्टी ने पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है अब उन्हीं पदाधिकारियों की कांग्रेस पंचायत चुनाव में परीक्षा लेगी। कांग्रेस पंचायत चुनाव में कार्यकर्ताओं को न केवल मैदान में उतारेगी, बल्कि उन्हें प्रत्यक्ष समर्थन भी देगी, इस नवाचार से पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश देना चाहती है। गौरतलब है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव गैर दलीय आधार पर होते हैं। स्थानीय चुनाव होने के कारण राजनीतिक दल अब तक प्रत्यक्ष दखल से बचते रहे हैं। हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद दल अपने समर्थकों की जीत का दावा करते रहे हैं। लेकिन लगातार चुनावों में हार का सामना कर रही कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदलाव कर दिया है। वर्ष 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर कांग्रेस नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में पूरी ताकत लगाने जा रही है। पार्टी का उद्देश्य ग्राम स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और संगठन को मजबूत करना है। प्रत्याशी चयन और समन्वय का काम पंचायत समितियों को सौंपा जाएगा। प्रदेश में 21,478 पंचायत समितियां गठित हो चुकी हैं। पंचायत चुनाव में कार्यकर्ताओं को सरपंच से लेकर जिला और जनपद पंचायत सदस्य तक का चुनाव लड़ाया जाएगा। पहली बार पार्टी बाकायदा समर्थन भी घोषित करेगी। चुनाव भले गैर दलीय होंगे लेकिन इसके माध्यम से कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं की चुनावी दक्षता का करीक्षण कर लेगी जिससे उसे साल 2028 चुनाव में रणनीति बदलना है तो उसमें भी किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
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