कांग्रेस में 'भूखे पेट' टैलेंट का 'शिकार' प्रदेश भर से राजधानी आ रहे कार्यकर्ता दो रोटी के लिए मोहताज
मध्य प्रदेश कांग्रेस की तरफ से टैलेंट हंट का आयोजन किया गया है। जिलों में इंटरव्यू दे चुके कार्यकर्ता जो पास हुए तो उनका फाइनल इंटरव्यू प्रदेश कार्यालय में किया जा रहा है और यहां इंटरव्यू किए जाने के बाद टैलेंट हंट का नतीजा घोषित किया जाएगा। लेकिन कांग्रेस ने जिस प्रकार से प्रदेश भर से अभ्यर्थियों को भोपाल बुलाया है उस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से और अलग-अलग जिलों से बुलाए गए कार्यकर्ताओं को प्रदेश नेतृत्व की तरफ से ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इतना ही नहीं कार्यकर्ता कहीं जुगाड़ में रात बिता भी लेता है और जब वो कार्यालय आता है तो उसे इंटरव्यू के लिए दिन भर प्रदेश कार्यालय में समय देना पड़ता है कब उसकी बारी आ जाए इसलिए वो प्रदेश कार्यालय में बैठने के अलावा कहीं जा भी नहीं सकता। ऐसी स्थिति में कुछ ऐसे कार्यकर्ता भी हैं जो दिन भर भूखे पेट कांग्रेस कार्यालय में बैठने को मजबूर हैं। क्योंकि उनके रहने और खाने का कोई ठिकाना तो है नहीं। लिहाजा वो कहीं जा नहीं सकते। सभी कार्यकर्ता आर्थिक रुप से इतने मजबूत भी नहीं हैं कि वो होटल में जाकर बढ़िया और जायकेदार खाने का स्वाद ले सकें। लिहाजा कांग्रेस के टैलेंट हंट में जब तक उन अभ्यर्थियों की बारी आती है तो भूख से ही उनका आत्म विश्वास डगमगा जाता है। और जब तक वो इंटरव्यू में पहुंचते हैं तो उनकी हिम्मत जवाब दे जाती है। बात यहीं खत्म नहीं होती। भूख प्यास से छटपटा रहे इन कार्यकर्ताओं को भेदभाव से भी गुजरना पड़ रहा है। क्योंकि प्रदेश कार्यालय में सभी की पहचान नहीं है। और न ही बडे पदाधिकारियों से पहचान है। इंटरव्यू देने आए एक कार्यकर्ता ने Mukhbir को बताया कि पारदर्शिता नाम की यहां पर कोई चीज नहीं है। जिस कार्यकर्ता की प्रदेश अध्यक्ष अथवा अन्य किसी बड़े पदाधिकारी से पहचान है उसको सार्ट लिस्ट किया जा रहा है बाकियों से कहा जा रहा है कि फोन करके जानकारी दी जाएगी। इस प्रकार से टैलेंट हंट आयोजित कर एक नई और ओजस्वी आवाज को उभारने के बजाए उसका गला घोंटने का प्रयास किया जा रहा है।
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