भाजपा में मोर्चों की कार्यकारिणी बनाने का काउंडाउन शुरु प्रदेश कार्यालय की बैठक में हुई चर्चा
मध्य प्रदेश भाजपा में अभी तक लोग इंतजार कर रहे थे कि निगम-मंडलों की सूची जारी होगी लेकिन क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में हुई बैठक में कुछ अलग ही खिचड़ी पकाने लगी है। शनिवार को प्रदेश कार्यालय में संभाग प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई जिसमें संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में पार्टी की तरफ से प्रदेश भर में आयोजित होने वाले विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई जिसमें केन्द्रीय बजट,जीरामजी योजना सहित विभिन्न मुद्दों को गांव-गांव तक कैसे पहुंचाया जाए उसको लेकर पदाधिकारियों को जानकारी दी गई। इस दौरान मोर्चों की कार्यकारिणी को लेकर भी पदाधिकारियों से रायशुमारी की गई है। मतलब साफ है कि मध्य प्रदेश भाजपा अब अपने स्तर पर होने वाली नियुक्तियों को जल्दी निपटाने की कोशिश में जुटी है। क्योंकि मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा हुए करीब दो महीने बीतने चले हैं और अभी तक सभी मोर्चे बिना कार्यकारिणी के संचालित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी की रीढ़ माने जाने वाले मोर्चों की कार्यकारिणी की घोषणा अब जरुरी हो गई है। इसी लिए प्रदेश अध्यक्ष चाहते हैं कि मोर्चों पर रायशुमारी कर उनकी सूची को फायनल कर लिया जाए। निगम-मंडलों की सूची को लेकर पार्टी के अंदर अंतरद्वंद चल रहा है। जितनी बार सूची बनती है उसमें किसी न किसी नाम को लेकर पार्टी में वाद-विवाद की स्थिति बनती है और फिर निगम-मंडल की सूची का काम टल जाता है। लिहाजा अब प्रदेश अध्यक्ष मोर्चों और प्रकोष्ठों को लेकर सक्रिय हो चुके हैं और उम्मीद है कि हफ्ते भर के अंदर मोर्चों की कार्यकारिणी एक-एक करके जारी कर दी जाएगी।
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