पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद एमपी बीजेपी में नियुक्तियों का खुलेगा पिटारा
मध्य प्रदेश भाजपा में रुक-रुक कर हो रही नियुक्तियों के बाद अचानक बैन लग गया है। दरअसल भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व पश्चिम बंगाल के चुनाव में व्यस्त है। जिसमें राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर एमपी बीजेपी के कुछ नेता भी व्यस्त हैं। जिसके कारण बीजेपी ने नियुक्तियों पर आंशिक बैन लगा रखा है। आखिरी नियुक्ति चार प्रकोष्ठों की हुई थी उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष की तरफ से कोई नियुक्ति नहीं हुई। जबकि दावा यह किया जा रहा था कि अप्रैल के महीने में ही प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी जाएगी लेकिन पार्टी के मुखबिरों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल नियुक्तियों पर ब्रेक लगा दिया गया है। अब पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद ही नियुक्तियों पर लगा बैन हटने की संभावना दिखाई दे रही है। तब तक एमपी बीजेपी ने कार्यकर्ताओं को व्यस्त रखने के लिए नारी शक्ति वंदन विधेयक के नाम पर प्रदेश भर में प्रदर्शन करने के माध्यम से कार्यकर्ताओं को व्यस्त रखने की योजना तैयार की है। कार्यकर्ता प्रदर्शन में व्यस्त रहेंगे तो उनका ध्यान संगठनात्मक नियुक्तियों से हटा रहेगा लिहाजा भाजपा ने अपने ही कार्यकर्ताओं को व्यस्त रखने के लिए और जनता के बीच सक्रियता बनाए रखने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रदर्शन की रणनीति तैयार की है। मुखबिर को मिली सूचना के अनुसार पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आते ही मध्य प्रदेश भाजपा में एक बार फिर नियुक्तियों का दौर शुरु होगा। इन नियुक्तियों के साथ ही निगम-मंडल की नियुक्तियों पर लगा ग्रहण भी हट जाएगा। गौरतलब है कि बीजेपी में अभी थोक में नियुक्तियां होनी हैं जिसको देखते हुए कार्यकर्ताओं की प्रदेश कार्यालय में सक्रियता बढ़ गई थी। प्रदेश कार्यालय आते ही कार्यकर्ता एक से दूसरे चेंबर में झांकते नजर आ रहे थे और उससे पदाधिकारी भी खुद को असहज सा महसूस कर रहे थे। उन्हीं समस्याओं को देखते हुए भाजपा ने महिला आरक्षण को हथियार बना लिया जिससे कार्यकर्ताओं को काम भी मिल गया और जनता के बीच भाजपा के प्रति माहौल भी तैयार किया जा रहा है। ये बात और है कि अब जनता भी भाजपा के मंसूबों से परिचित हो चुकी है। जिसके कारण लोग अब भाजपा के कार्यक्रमों में ज्यादा इंट्रेस्ट नहीं लेते हैं।
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