फिर एक मंच में आएंगे उमा और प्रहलाद पटेल लोधी सम्मेलन के बहाने सरकार और संगठन पर दबाव बनाने की होगी कोशिश
पिछले कई साल से राजनीतिक बनवास झेल रहीं पूर्व सीएम उमा भारती एक बार फिर लोधी सम्मेलन के बहाने सक्रिय राजनीति में उतरने की कोशिश कर रही हैं। 28 अप्रैल को भोपाल के जंबूरी मैदान में होने जा रहे लोधी सम्मेलन में उमा भारती के पुराने सहयोगी प्रहलाद पटेल सहित लोधी समाज के सभी नेता शामिल होने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव को भी आमंत्रित किया गया है। जंबूरी मैदान में होने जा रहे कार्यक्रम के कारण ही प्रीतम लोधी के मामले में सरकार और संगठन कोई एक्शन नहीं ले पाए और प्रीतम लोधी मुस्कुराते हुए सीएम हाउस से निकल गए। गौरतलब है कि बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल की करीब 40 सीटों पर लोधी समाज का वर्चस्व है। और यही कारण है कि इतनी सीटों पर इस समाज का वर्चस्व होने के कारण ही लोधी समाज को कोई भी राजनीतिक पार्टी हल्के से नहीं लेना चाहती हैं। उमा भारती ने पहले से ही ऐलान कर रखा है कि वो साल 2029 में झांसी से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी। उमा भारती के सपने को धरातल में उतारने के लिए यह शक्ति प्रदर्शन काफी अहम कड़ी माना जा रहा है। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोधी समाज के लोग भोपाल में जुटने वाले हैं। और उसी के माध्यम से अपनी ताकत दिखा कर यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें पार्टी की तरफ से अनदेखा करने का मतलब है कि राज्य से भाजपा सरकार की बिदाई। इस पूरे कार्यक्रम के माध्यम से जहां प्रहलाद पटेल अपनी ताकत को एक बार फिर हासिल करने का प्रयास करेंगे तो वहीं उमा भारती एक बार फिर चुनावी रण में उतरने की हुंकार भरेंगी। उमा भारती उन नेताओं में हैं जो कुछ समय पहले कह रही थीं कि वो साध्वी हैं और उनका परिवार,जाति से अब कोई संबंध नहीं है। लेकिन जब उनके राजनीतिक भविष्य की बात आती है तो फिर वो लोधी समाज के साथ होती हैं।
What's Your Reaction?