भाजपा से निष्काशित महेश केवट बनाए गए मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बैगर BJP ज्वाइनिंग के ही बने अध्यक्ष
मध्य प्रदेश भाजपा का एक नया कारनामा सामने आया है जहां पार्टी से छह साल के लिए निष्काशित महेश केवट को मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि महेश केवट की पार्टी में औपचारिक ज्वाइनिंग भी नहीं कराई गई थी। महेश केवट के विरुद्ध 27 जून 2022 को पार्टी से निकालने का आदेश जारी किया गया था। उस वक्त प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा थे और कार्यालय प्रभारी भगवानदास सबनानी थे। बीजेपी के लेटर हेड से बकायदा निष्कासन का आदेश जारी किया गया था। महेश को पार्टी की तरफ से अनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाया गया था उसके बाद ही उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई हुई थी। मजे की बात यह है कि महेश केवट की ज्वाइनिंग कब कराई गई यह बात किसी को पता ही नहीं है। अथवा जान कर भी प्रदेश नेतृत्व अनजान बना रहा और मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। ऐसी स्थिति में सैकड़ों की संख्या में पार्टी से निष्कासन का दंश झेल रहे कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी ने अप्रत्यक्ष रुप से पीछे का दरवाजा खोल दिया है। महेश केवट उन नेताओं में रहे हैं जिन्होंने पार्टी के आदेश की अवहेलना करते हुए चुनाव मैदान में दो हाथ करने का प्रयास किया था। इस मामले में महेश केवट से संपर्क किया गया तो वो निष्कासन की कार्रवाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। लेकिन बगैर पूछते ही यह भी कहते हैं कि उन्होंने पार्टी के विरोध में कभी चुनाव नहीं लड़ा। हांलांकि मुखबिर इस पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
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