दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा की तो कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई अब भगवान राम के दर्शन किए तो क्या फिर बदलाव होगा
राज्यसभा का चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के स्वभाव और हाव-भाव में काफी बदलाव आ चुका है। अयोध्या में भगवान राम का दर्शन करने के बाद दिग्विजय सिंह ने बता दिया है कि वो राम भक्त हैं। इस दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह ने यह भी संकेत दे दिया है कि अब वो अपने जीवन की आखिरी पारी खेलने को तैयार हैं। मतलब साफ है कि दिग्विजय सिंह के कारण कांग्रेस की सत्ता गई। साल 2018 में उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की तो कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई। और अब एक बार फिर दिग्विजय भगवान की शरण में गए हैं यानि मिशन 28 में कुछ भी संभव है। भगवान राम का दर्शन करने के बाद पूर्व सीएम ने कहा कि वो धर्म की राजनीति नहीं करते। उन्होंने राम मंदिर का कभी विरोध नहीं किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस का हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार 'धर्म' का पालन करता है। हम धर्म का दुरुपयोग न तो व्यवसाय के लिए करते हैं और न ही राजनीति के लिए करते हैं. उन्होंने कहा कि धर्म का राजनीतिक दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, न ही इसका व्यापार के लिए दुरुपयोग होना चाहिए. हर व्यक्ति अपनी आस्था के मुताबिक, धर्म का पालन करता है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अयोध्या तब आता है जब भगवान उसे बुलाते हैं. उनको जब बुलावा मिला तो वह यहां चले आए। उन्होंने कहा कि भगवान राम के दर्शन करने आएं और हनुमान जी के दर्शन न हों ये तो असंभव है। राहुल गांधी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जब उन्हें बुलावा आएगा, तो जरूर आएंगे।
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