अहाते बंद हुए तो सड़क में ही छलकने लगे जाम परेशान नागरिकों ने विवेक त्रिपाठी के नेत्रृत्व में किया प्रदर्शन
प्रदेश की मोहन सरकार नशा मुक्त समाज की बात करती है। और इसी लिए सरकार ने अहाते बंद कर दिए। साल भर पहले प्रदेश की सभी धार्मिक नगरियों में भी शराब दुकान बंद करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन सरकार ने अहाते बंद करते समक्ष ये नहीं सोचा कि शराब का सेवन करने वाले जाम कहां छलाकाएंगे। लिहाजा सरकार ने अहाते बंद किए तो लोगों ने सार्वजनिक जगह को ही मयखाने का स्थान बना लिया। एक ऐसा ही मामला भोपाल के दस नंबर मार्केट में भी देखने को मिला है जहां पर आर्य समाज मंदिर के समीप ही मयखाना है। और ये एक सार्वजनिक प्लेस है। दिन भर सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पर परिवार के साथ खरीददारी करने के लिए पहुंचते हैं और शराबियों को सड़क में ही जाम छलकाता देख बच्चों की नजर बचाने का प्रयास करते हैं। रहवासी एरिया में शराब दुकान होने के कारण स्थानीय निवासी भी काफी परेशान रहते हैं। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई तो स्थानीय रहवासियों के नेत्र का बांध भी फूट गया। इसी लिए स्थानीय निवासी और कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग जमा हुए और शराब दुकान बंद करने के लिए प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन करने के बाद भी जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो स्थानीय नागरिकों ने खुद संबंधित अधिकारियों के साथ में ज्ञापन सौंप और कहा कि शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए। यहां मजे की बात यह भी है कि बाजार होने के कारण पुलिस हमेशा मौजूद रहती है लेकिन उसके सामने जाम छलकने के बाद भी पुलिस आंख में पट्टी बांध कर शराबियों को जाम छलकाते हुए देख कर अनदेखा करती रहती है।
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