मोहन यादव से क्यों रूठे-रूठे से हैं अमित शाह देर रात तक इंतजार करने के बाद बैरंक लौटे सीएम
मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों अलग ही करवट ले रही है। बाहर से तो सबकुछ ठीक दिख रहा है लेकिन अंदर से सबकुछ गड़बड़ ही है। पिछले कुछ दिनों से पीएम मोदी लगातार मध्य प्रदेश भाजपा के सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं। इन मुलाकातों के बीच ही सीएम मोहन यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की योजना बनाई। अमित शाह के कार्यालय में सीएम मोहन यादव का नाम नोट करवाया गया। अमित शाह का स्टाफ लगातार उन्हें मोहन यादव के लिए अपडेट करता रहा लेकिन अमित शाह ने मोहन यादव को मिलने के लिए समय नहीं दिया। मुखबिर को मिली खबर के अनुसार दतिया उप चुनाव में हुई भाजपा की हार के बाद केन्द्रीय नेतृत्व मोहन यादव सहित एमपी बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं से नाराज है। क्योंकि जब पूर्व गृह मंत्री का टिकट कटवाया गया तो दावा किया गया था कि वो आशुतोष तिवारी को चुनाव जीतवा लेंगे। यही कारण है कि सीएम मोहन यादव ने अपने सारे मंत्रियों को दतिया चुनाव में उतार दिया था। खुद सीएम मोहन यादव छह दिन तक दतिया में पड़े रहे उसके बाद भी भाजपा उम्मीदवार को वो चुनाव जिताने में नाकाम रहे। दतिया उत्तर प्रदेश से लगा हुआ है और इस सीट पर हुई भाजपा की हार का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी पड़ सकता है। इसके अलावा सरकार रहते हुए भाजपा एमपी में दूसरा उप चुनाव हारी है। इससे पहले विजयपुर और अब दतिया में हार का सामना करना पड़ा। इस हार से एमपी सरकार की सेहत पर तो कोई असर नहीं पड़ने वाला है लेकिन एमपी बीजेपी और सरकार के स्वास्थ्य पर इस हार का खासा असर पड़ सकता है जिसकी बानगी आने वाले दिनों में देखने को जरुर मिलेगी।
What's Your Reaction?