कांग्रेस नेता राहुल गांधी का दौरा रीवा अथवा उज्जैन ही क्यों पढ़िए मुखबिर पर पूरी खबर
मिशन चुनाव पर काम कर रही मध्य प्रदेश कांग्रेस के द्वारा कार्यकर्ताओं को आगामी भूमिका के लिए तैयार करने के लिए संभागीय सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया है। जून अंत में पार्टी नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रीवा या उज्जैन में आयोजित होने वाले सम्मेलन में भाग लेंगे। वह यहां प्रदेश से लेकर पंचायत इकाई स्तर के पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। वहीं, आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों के साथ भी बैठक करेंगे।गौरतलब है कि साल 2022 में नगरीय निकाय, 2023 में विधानसभा और फिर 2024 में लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस ने नेतृत्व परिवर्तन किया। जीतू पटवारी, उमंग सिंघार जैसे युवा नेताओं को आगे किया। 2025 को संगठन वर्ष घोषित करके संगठन सृजन अभियान प्रारंभ किया, ताकि पीढ़ी परिवर्तन वार्ड और ग्राम स्तर तक करके नई टीम खड़ी की जा सके। जिन कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां की गई हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है, ताकि कागजी समितियां न रहें। इस प्रक्रिया के बाद प्रशिक्षण का सिलसिला प्रारंभ होगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि किसकी क्या भूमिका है और उसे क्या व कैसे करना है। इसके समानांतर संभागीय सम्मेलन भी होंगे, जिसमें प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। अब सवाल इस बात का उठता है कि राहुल गांधी का दौरा उज्जैन अथवा रीवा ही क्यों प्रस्तावित किया गया है। दरअसल विंध्य क्षेत्र भाजपा का गढ़ बन चुका है। और ठीक वही स्थिति मालवा अंचल की भी है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी का कार्यक्रम उज्जैन या फिर रीवा में से किसी एक स्थान पर प्रस्तावित किया है। रीवा से पूरा विंध्य क्षेत्र कवर होता है और यहां से निकले संदेश का असर पूरे अंचल पर पड़ता है। इसी तरह बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से मालवा और निमाड़ को साधा जा सकता है। मुखबिरों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की केंद्रीय संगठन के स्तर पर राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। संभागीय सम्मेलन में कौन नेता शामिल होंगे उसको लेकर भी पार्टी ने फार्मेट तैयार कर लिया है जिसके तहत सांसद, पूर्व सांसद, क्षेत्रीय विधायक और पूर्व विधायक से लेकर पंचायत स्तरीय इकाई के पदाधिकारी बुलाए जाएंगे।
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