30 हजार शासकीय शिक्षकों की होगी नियुक्ति 74 हजार अतिथि शिक्षकों के भरोसे से चल रही शिक्षा व्यवस्था
मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने दो साल की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि स्कूलों में कक्षा एक, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिये प्रधानाध्यापक और माध्यमिक शाला में कक्षा 9 में प्रवेश के लिये प्राचार्य को जिम्मेदारी दी गई। स्कूल शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। पिछले 3 वर्षों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है। वर्ष 2024-25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रेकिंग पूर्ण की गई है। प्रदेश में पहली बार अतिथि शिक्षक की व्यवस्था 1 जुलाई को पूर्ण की गई। वर्तमान में 76 हजार 325 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण, शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में किया गया। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में भेजा गया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने ये भी बताया कि आने वाले समय में 30 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
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