पोहा जलेवी से शुरु हुई सीएम हाउस में विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों को आस-पास रहने का मिला निर्देश
मध्य प्रदेश भाजपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट पर महेश केवट को उतार कर न सिर्फ कांग्रेस का फीवर बढ़ा दिया है बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों को भी 18 जून तक के लिए एक विषय दे दिया है। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार का ऐलान होते ही कांग्रेस विधायकों को अज्ञातवास भेजने की योजना तैयार हुई है। वहीं सीएम हाउस में करीब साढ़े दस बजे से भाजपा विधायक दल की बैठक रखी गई जिसमें प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह,प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सीएम मोहन यादव ने पार्टी के विधायकों को महत्वपूर्ण बातें बताई। सबसे पहले विधायकों को पोहा-जलेवी का भोग लगाया गया और फिर सभी के साथ सत्ता और संगठन की बैठक कर साफ़ कहा गया कि 18 जून तक भोपाल अथवा आसपास ही बने रहना है। पार्टी के प्रत्येक विधायक को वोटिंग के दिन किसी भी परिस्थिति में बने रहना है। सभी विधायकों से ये भी कहा गया है कि अगर किसी को अति आवश्यक कार्य से कहीं जाना है तो पहले संगठन को जानकारी दें उसके बाद ही भोपाल छोड़े। मजे की बात यह है कि इस बैठक में विधायकों से कुछ ज्यादा बोलने के लिए था नहीं। बैठक का मक्सद विधायकों की एकजुटता दिखाना और विपक्षी खेमें में खलबली मचाना था। जिसमें भाजपा ने कहीं न कहीं बाजी मार ली है। भाजपा द्वारा महेश केवट को चुनाव मैदान में उतारे जाने के बाद अब जीतू पटवारी की अध्यक्षी पर तलवार लटक गई है। क्योंकि राहुल गांधी ने मीनाक्षी नटराजन का नाम राज्यसभा के लिए फाइनल किया है। लिहाजा अब पटवारी का दायित्व है कि वो मीनाक्षी नटराजन को किसी भी तरह से चुनाव जिताएं अन्यथा उनकी छुट्टी होना तय माना जा रहा है।
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