बीएल संतोष के भोपाल दौरे से भाजपा में बढा सियासी 'टंप्रेचर' कार्यकर्ताओं में शुरु हुआ फुसफुसाहट का दौर
मध्य प्रदेश भाजपा में हितानंद शर्मा की बिदाई के बाद जिस प्रकार से राजनीतिक माहौल बदला है उससे कार्यकर्ताओं के बीच फुसफुसाहट का दौर तेज हो गया है। दरअसल संगठन और सरकार में ढेरों नियुक्तियां होनी हैं और जब भी किसी बड़े नेता का दौरा प्रदेश कार्यालय में होता हो तो पार्टी के कार्यकर्ता हर नेता के दौरे को नियुक्तियों से जोड़ कर देखने लगते हैं। ऐसे मौके पर जब राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष जैसा नेता प्रदेश कार्यालय अचानक पहुंचे तो फुसफुसाहट होना एक आम बात है। और यह फुसफुसाहट उस वक्त और हकीकत में बदल जाती है जब सीएम मोहन यादव दिल्ली और हरिद्वार के दौरे पर हों और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी राजधानी से बाहर हों ऐसी स्थिति में बड़े नेता का प्रदेश कार्यालय पहुंचना और कार्यालय में मौजूद चुनिंदा नेताओं के साथ बैठक करना कई तरह के सियासी कयासों को जन्म देता है। बीएल संतोष भोपाल पहुंचने के बाद सबसे पहले पूर्व संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की माता जी को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे और फिर उसके बाद वो प्रदेश कार्यालय आए जहां पर प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सहित चुनिंदा पदाधिकारी गोल टेबल में बैठ कर चर्चा करने लगे। बंद कमरे के अंदर जो बात हुई वो अंदर ही रह गई जो बाहर आई उसमें जीरामजी और केन्द्रीय बजट की बात को लीक किया गया। इससे इतर बात करें तो इस वक्त सरकार और संगठन के बीच बहुत सी नियुक्तियां हैं जिसको लेकर रायशुमारी हो रही है। निगम-मंडलों की नियुक्ति वर्तमान में भाजपा के लिए एक चुनौती बनी हुई है जिसको लेकर लगातार सियासी टंप्रेचर आई है। उसके अलावा प्रदेश कार्यसमिति का गठन करना भी भाजपा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। Mukhbir को मिली सूचना के आधार पर फरवरी के महीने में ही सरकार में भी कुछ फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि करीब आधा दर्जन मंत्रियों की छुट्टी तो होनी ही है साथ में इतने ही मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी होना है जिसको लेकर सरकार से लेकर संगठन में बैठकों का दौर तेज हो गया है।
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