एक्शन मोड पर CM मोहन यादव नोटशीट लटकाने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज मंत्रालय में तलब हुई फाइल
मध्य प्रदेश में अब लापरवाह अफसरों की खैर नहीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि उनकी नोटशीट को लंबित रखने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी। सीएम ने शुक्रवार को मंत्रालय में ‘A+ मॉनिटर’ प्रकरणों की हाईलेवल बैठक बुलाई है।
क्या है पूरा मामला?
सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता के गंभीर प्रकृति के आवेदन CM ऑफिस पहुंचते हैं। इनके त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री की ओर से संबंधित विभागों को ‘नोटशीट’ भेजी जाती है।
3 दिन का अल्टीमेटम था
CM के स्पष्ट निर्देश हैं कि नोटशीट मिलने के 3 दिन के भीतर मामले का निराकरण कर सूचित किया जाए। लेकिन कई विभागों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि नोटशीट पर कार्रवाई ही नहीं हो रही। फाइलें दबा दी जा रही हैं।
अब CM खुद लेंगे क्लास
इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में A+ मॉनिटर प्रकरणों की समीक्षा बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में उन अफसरों की लिस्ट तैयार है जिन्होंने बिना उचित कारण के अनावश्यक विलंब किया है।
इन पर गिर सकती है गाज
1. नोटशीट दबाने वाले: जो अफसर 3 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे।
2. बहानेबाज अफसर: बिना ठोस कारण के फाइल लटकाने वाले।
3. जवाब न देने वाले: निराकरण की सूचना CM ऑफिस को नहीं भेजने वाले।
बड़ा संदेश:
CM का यह कदम सीधे ‘गुड गवर्नेंस’ से जुड़ा है। संदेश साफ है – जनप्रतिनिधियों के जरिए आने वाली जनता की शिकायतों को हल्के में लेने वाले अफसर अब बच नहीं पाएंगे। शुक्रवार की बैठक में कुछ अफसरों पर सस्पेंशन या कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
क्यों अहम है A+ मॉनिटर?
ये वो प्रकरण होते हैं जिन्हें CM ऑफिस सीधे मॉनिटर करता है। आम जनता की गंभीर शिकायतें, जनहित के काम और विधायक-सांसदों की अनुशंसा वाले केस इसमें आते हैं। इन्हें पेंडिंग रखना सीधे CM के आदेश की अवहेलना माना जाता है।
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