भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को हुई जेल तिहाड़ की जेल में तोड़ेंगे रोटी

Apr 1, 2026 - 17:01
Apr 1, 2026 - 17:10
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भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को हुई जेल तिहाड़ की जेल में तोड़ेंगे रोटी

मध्य प्रदेश कांग्रेस की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। दतिया से कांग्रेस के विधायक को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। राजेन्द्र भारती के खिलाफ 25 वर्ष पुराने धोखाधड़ी के मामले में फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचाने के षड्यंत्रकारी आरोपी साबित हुए हैं। राजेन्द्र भारती बैंक कर्मचारी आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को दिल्ली की विशेष न्यायालय MP/MLA कोर्ट ने दोषी ठहराया है दंड के प्रश्न पर कल सुनवाई होगी। 

इस पूरे मामले की विस्तारित जानकारी इस प्रकार है। 


1. दिनांक 24.08.1998 को आरोपी राजेन्द्र भारती की मां सावित्री श्याम के द्वारा श्याम सुंदर श्याम संस्थान की अध्यक्ष रहते हुए 10 लाख रुपए की एफडी जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया में मात्र 03 वर्ष के लिए 13.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज पर की थीं।

2. वर्ष 1998 से 2001 की अवधि में बैंक (जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया) के संचालक मण्डल के अध्यक्ष आरोपी राजेन्द्र भारती थे।

3. यह भी उल्लेखनीय है कि एफडी किए जाने की अवधि में श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं समुदायिक विकास संस्थान दतिया के Board of trusty के सदस्य भी आरोपी राजेन्द्र भारती थे। 

   इस प्रकार श्याम सुंदर श्याम संस्थान एवं जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया दोनो संस्थाओं में आरोपी राजेंद्र भारती का स्वयं का हित निहित था। 

4. आरोपी राजेन्द्र भारती ने जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया के संचालक मण्डल के अध्यक्ष होने एवं श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं समुदायिक विकास संस्थान दतिया के Board of trusty के सदस्य होने के कारण अपनी पदीय स्थिति तथा अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए बैंक कर्मचारी आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति के साथ षड़यंत्र करते हुए उससे बैंक के दस्तावेजों (लेजर बुक, एफडी की काउंटर स्लिप तथा एफडी की रशीद) में काट-पीट कराकर एफडी की अवधि को 03 वर्ष से बढ़ाते हुए 10 वर्ष एवं 15 वर्ष कराया गया ताकि लगातार 15 वर्षो तक 13.50 प्रतिशत ब्याज दर का लाभ अपनी मां सावित्री को एवं स्वयं की संस्था (श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं समुदायिक विकास संस्थान दतिया) जिसमें राजेंद्र भारती Board of trusty के सदस्य थे को दिया जा सकें।

5. इस प्रकार आरोपी राजेन्द्र भारती ने आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति के साथ आपराधिक षड़यंत्र करके बैंक के दस्तावेजों में कूटरचना कराकर वर्ष 1999 से 2011 तक प्रतिवर्ष 1,35,000 रूपये का सदोष लाभ अपनी मां सावित्री एवं स्वयं की संस्था को पहुंचाया जिससे परिवादी बैंक को सदोष हानि हुईं।

6. आरोपी राजेन्द्र भारती के जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया के संचालक मण्डल के अध्यक्ष पद से हट जाने के बाद बैंक ऑडिटर द्वारा एफडी की अवधि अनधिकृत रुप से बढ़ाने का audit objection लिए जाने के बाद संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्था द्वारा आदेशित किए जाने पर इस मामले का परिवाद CJM दतिया के न्यायालय में दिनांक 29/07/2015 को प्रस्तुत किया गया था।

7. विशेष न्यायालय ग्वालियर द्वारा आरोपी राजेंद्र भारती के विरुद्ध धारा 420,467,468,471 एवं 120(बी) आई पी सी का आरोप लगाया गया था. 
जबकि आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को धारा 319 सी.आर.पी.सी तहत अभियोजन के आवेदन पर आरोपी बनाया गया था, आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति के विरुद्ध धारा 420,467,468,471,409 एवं 120(बी) आई पी सी का आरोप लगाया गया था.  जिसकी अभीपुष्टि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा क्रिमिनल अपील 2764/2024 में की गई है।

8. अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया गया. अतः माननीय विशेष न्यायालय के द्वारा आरोपियों को दोषी करार देते हुए आज दिनांक 01/04/26 को फैसला सुनाया गया है।

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