नरोत्तम मिश्रा के नाम से कांग्रेसी दावेदारों की फूल रही सांसें शोभा भारती बन सकती हैं मजबूरी
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है। नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन कांग्रेस अब तक अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। वजह साफ है - सामने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम।
यह सीट डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। उन्होंने इस क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी थी। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन हार के बाद भी उन्होंने जनता से दूरी नहीं बनाई और लगातार सेवा में जुटे रहे।
वहीं कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती के कार्यकाल में विकास कार्य थम गए। बैंक धोखाधड़ी मामले में सजा होने के बाद उनकी विधायकी रद्द हो गई, जिसके कारण यह उपचुनाव हो रहा है।
कांग्रेस में कोई नहीं जुटा पा रहा हिम्मत
भाजपा की तरफ से डॉ. नरोत्तम मिश्रा का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। पार्टी ने अभी औपचारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन उनके नाम की चर्चा से ही कांग्रेस में खलबली है।
दतिया से कांग्रेस के संभावित दावेदारों में पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती की पत्नी शोभा भारती, अवधेश नायक और घनश्याम सिंह का नाम सामने आ रहा है। लेकिन सूत्रों के अनुसार कोई भी खुलकर चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सभी को इस बात का अहसास है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और ऊपर से नरोत्तम मिश्रा जैसा मझा हुआ नेता प्रतिद्वंदी होगा तो मुकाबला आसान नहीं है।
इसी कारण अब संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस सहानुभूति कार्ड खेलते हुए शोभा भारती को मैदान में उतार सकती है।
क्या है समीकरण
दतिया में भाजपा का संगठन और डॉ. नरोत्तम मिश्रा की व्यक्तिगत पकड़ मजबूत मानी जाती है। 2023 की हार के बाद उन्होंने लगातार क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखी है। ऐसे में उपचुनाव उनके लिए प्रतिष्ठा का सवाल भी बन गया है।
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