कांग्रेस को अब तक नहीं मिला दतिया उप चुनाव के लिए उम्मीदवार जिस पर हाथ रखा उसने किया मना
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट में 30 जुलाई को वोटिंग होनी है। नामांकन प्रक्रिया शुरु हो चुकी है जिसकी आखिरी तारीख 13 जुलाई है। चुनाव की तारीख का ऐलान होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह ने दतिया का दौरा कर होटल में वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की थी। अब तक दतिया से लेकर प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस के नेता दावेदारों को लेकर कई बैठकें कर चुके हैं। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कांग्रेस के पास दतिया से कई दावेदार हैं। लेकिन हकीकत इसके उलट है। क्योंकि जितने भी दावेदार हैं वो उप चुनाव में अपना भाग्य नहीं आजमाना चाहते हैं। अब तक जितने भी दावेदारों से कांग्रेस नेतृत्व ने बात की सभी ने अपने हाथ खड़े कर लिए। दरअसल भाजपा की तरफ से पूर्व गृह मंत्री का चुनाव लड़ना लगभग तय है लिहाजा कोई भी समझदार नेता हार से बचना चाहता है। क्योंकि पूर्व गृह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा साल 2023 में राजेन्द्र भारती से चुनाव जरुर हारे थे लेकिन उन्होने स्थानीय जनता से दूरी नहीं बनाई बल्कि अपनी गलतियों से सीख लेते हुए जनता की सेवा में वो लगातार लगे रहे। और यही कारण है कि पूर्व गृह मंत्री वहां की जनता के चहेते बन चुके हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस की तरफ से राजेन्द्र भारती पर जिस प्रकार से धोखाधड़ी का आरोप लगा और उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई उससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल भी गिरा है। कुल मिला कर दतिया में होने वाली संभावित हार को देखते हुए कोई भी नेता बतौर उम्मीदवार दावा करने से पीछे हट रहे हैं। सभी का यही कहना है कि वो 2028 के लिए तैयारी कर रहे हैं। अभी जिसको टिकट देना हो नेतृत्व उसको दे सकता है। पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती की पत्नी शोभा भारती से भी संपर्क किया गया लेकिन राजेन्द्र भारती ने परिवार को चुनाव से दूर रखने की बात कही है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस पसोपेश की स्थिति में है कि आखिर उम्मीदवार किसको बनाया जाए।
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