'आधे इधर जाओ-आधे उधर जाओ बांकी मेरे पीछे आओ' की स्थिति में कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी 'दो फाड़' की कगार पर कांग्रेस
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी की नीति और रणनीति से अब पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तंग आ चुके हैं। एक दिन पहले कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल होने वाले राकेश सिंह ने जिस प्रकार से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर आरोप लगाया है उससे इन नेताओं की कलई खुलने लगी है। खुद को किसान पुत्र कहने वाले जीतू पटवारी पर तो करारा प्रहार कर राकेश यादव ने कहा कि देश में कौन सा किसान खेती से डिफेंडर गाड़ी चढ़ता है। राकेश सिंह ने जिस प्रकार से कांग्रेस के एक-एक करके धागे खोले हैं उससे यह संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी का कोई भी नेता अब प्रदेश अध्यक्ष की बातों पर विश्वास नहीं कर रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने जिस प्रकार से सीएम यादव पर कथित जमीन खरीदी का आरोप लगाया और उसका एक भी प्रमाण देने में नाकाम रहे उससे कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता काफी नाराज़ हैं। क्योंकि जीतू पटवारी के तत्थ्य हीन आरोपों से मध्य प्रदेश कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मुखबिर द्वारा पहले ही यह खबर प्रकाशित की गई थी जिसमें बताया गया था कि जीतू पटवारी पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विश्वास नहीं कर रहे हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने पहले ही महाकाल से अयोध्या तक पद यात्रा निकालने का ऐलान कर अपना इरादा जाहिर कर दिया है। इस बात में कोई सक नहीं कि दिग्विजय सिंह ने यात्रा निकालने का ऐलान कर कांग्रेस को उसका असली चेहरा दिखाने की मंशा जाहिर कर दिया है। दिग्विजय सिंह अगर यात्रा निकालते हैं तो उनके सारे विधायक यात्रा में साथ होंगे और वहां पर जीतू पटवारी की पार्टी में हैसियत कितनी है वो इस यात्रा में पता चल जाएगी। कांग्रेस की हालत ठीक फिल्म शोले के जेलर की तरह होने वाली है जहां जेलर कहता है आधे इधर जाओ-आधे उधर जाओ बांकी जो बचे हैं वो पीछे आओ। ऐसी स्थिति में पटवारी फंसने वाले हैं। दिग्विजय सिंह द्वारा निकाली जाने वाली यात्रा जीतू पटवारी को यह बताने के लिए पर्याप्त है कि उनके पीछे कितने लोग खड़े हैं?
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