कोर्ट ने माना 'विवादित बयान देना' विजय शाह की आदत सरकार को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को जम कर फटकार लगाई है। मोहन सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सुप्रीमकोर्ट काफी गंभीर है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा अभियोजन स्वीकृति में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा, Enough is enough (बस बहुत हुआ), अब हमारे आदेश का पालन कीजिए। सीजेआई ने न्यायालय में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक अनुभवी राजनेता को पता होना चाहिए कि किसी महिला अधिकारी का सम्मान कैसे किया जाता है। कोर्ट ने विशेष जांच दल (SIT) की स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि मंत्री को इस तरह के कमेंट करने की आदत सी हो गई है। एसआईटी जांच पूरी कर चुकी है और पिछले दो हफ्ते से सरकार की अनुमति का इंतजार कर रही है। कोर्ट ने इस देरी पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। गौरतलब है कि साल 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' हुआ था। कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस सैन्य कार्रवाई की मीडिया ब्रीफिंग की थी। इसके बाद महू के पास रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के धर्म को निशाना बनाते हुए विवादित बयान दिया था। मंत्री ने कहा था, 'जिन्होंने हमारी बेटियों को विधवा किया, हमने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी ही एक बहन को भेजा।' इस बयान को लेकर देशभर में भाजपा की जमकर किरकिरी हुई। मंत्री विजय शाह को मंत्री पद से हटाए जाने की मांग उठी लेकिन आदिवासी वोट बैंक खिसकने के डर से भाजपा ने विजय साह को सरकार में बनाए रखा लेकिन अब कोर्ट इस मामले सख्त मूड अपना लिया है।
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