मोहन सरकार में होगी खास चेहरे की इंट्री विपक्ष को मिलेगा ठोस जवाब और सरकार को मिलेगा 'अभेद्य कवच'
सीएम मोहन यादव का दिल्ली दौरा कोई आम दौरा नहीं बल्कि उसे खास बनाने का प्रयास किया गया है। इस दौरे में सीएम मोहन यादव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर प्रदेश सरकार और पार्टी संगठन पर विस्तार से चर्चा की। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार सीएम मोहन यादव मंत्रिमंडल में व्यापक स्तर पर बदलाव करना चाहते हैं। करीब एक दर्जन मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा कर नए चेहरों को सरकार में शामिल करना चाहते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मोहन सरकार में पिछले तीन महीने से चर्चाएं हैं लेकिन वो सिर्फ चर्चाओं तक ही सीमित रही हैं। लेकिन अब सीएम मोहन यादव की मंशा कुछ अलग ही नजर आ रही है। दरअसल राज्य सरकार में मौजूद मंत्रियों में एक भी ऐसा चेहरा नहीं है जो सीएम मोहन यादव को बैक-सपोर्ट प्रदान करता हो। कहने के लिए तो प्रहलाद पटेल,कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह जैसे वरिष्ठ नेता सरकार में मौजूद हैं लेकिन इनमें एक भी ऐसा नेता नहीं जो सीएम मोहन यादव का करीबी हो और जब वो सदन में विपक्ष के आरोपों में घिरने लगें तो उनके सपोर्ट में खड़े हो सकें। लिहाजा मंत्रिमंडल विस्तार कर सीएम मोहन यादव एक ऐसे नेता को अपनी सरकार में शामिल करना चाहते हैं जो उनका अभेद्य कवच बन सके और विपक्षियों को उनकी भाषा में जवाब दे सकें। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सीएम ने की बार प्रयास किया भी लेकिन अलग-अलग राज्यों में चल रहे चुनावों के कारण मंत्रिमंडल विस्तार पर केन्द्रीय नेतृत्व और प्रदेश सरकार के बीच सहमति नहीं बन पाई। अब अगले चुनाव साल 2027 में हैं ऐसी स्थिति में सीएम मोहन यादव मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद को तेज करने में लग गए हैं। अब दिल्ली से विस्तार की इजाजत मिलते ही सीएम मोहन यादव एक ऐसे चेहरे को शामिल करने की कवायद में हैं जो उनकी सरकार को मजबूती देने का काम करेगा। एक ऐसा चेहरा सरकार में शामिल होगा जो पहले भी विपक्षियों के लिए समस्या बनता रहा है। कुल मिला कर मोहन सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद बचे हुए आधे कार्यकाल में विपक्ष को करारा जवाब देने के लिए सरकार में अप्रत्याशित चेहरे की इंट्री विपक्ष के लिए घातक बनेगी तो वहीं सत्ता पक्ष के लिए बैलेंस बनाने का काम करेगी।
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