अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को 'हाशिए से नेतृत्व तक' लाएगी कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने किया संवाद
लोकसभा चुनाव हों या फिर विधानसभा के चुनाव हर जगह करारी हार झेलने के बाद भी कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्टैंड को नहीं बदला है। कांग्रेस का अल्प संख्यक प्रेम लगातार उसको सत्ता की दहलीज से दूर लेकर जा रहा है फिर भी कांग्रेस नेताओं को यही विश्वास है कि अल्पसंख्यक वर्ग एक दिन उसकी सरकार बनवाएगा। इसी कड़ी में शनिवार को भोपाल स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में महिला सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत आयोजित 'हाशिए से नेतृत्व तक' कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महिला नेतृत्व एवं राजनीतिक भागीदारी अभियान” कार्यक्रम में शामिल होकर अल्पसंख्यको के सभी वर्ग की महिलाओं से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाद किया। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल एक संगठनात्मक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में स्थापित करने का सामाजिक एवं राजनीतिक संकल्प है। कांग्रेस पार्टी समाज के हर वर्ग की महिलाओं को सम्मान, अवसर और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “हाशिए से नेतृत्व तक” थीम पर आधारित यह अभियान प्रदेशभर में महिलाओं को राजनीति, सामाजिक नेतृत्व एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगा। प्रदेश स्तर पर तैयार किया गया महिला नेतृत्व समूह गांव-गांव और शहर-शहर जाकर महिलाओं को कांग्रेस की विचारधारा, संवैधानिक मूल्यों और जनसरोकारों से जोड़ने का कार्य करेगा। अब सवाल इस बात का उठता है कि कांग्रेस अपनी गलतियों से कब सीखेगी। जिस वर्ग की निकटता कांग्रेस को बार-बार सत्ता से दूर और भाजपा को सत्ता के सिंघासन तक लेकर जा रही है उसके बाद भी कांग्रेस का अल्पसंख्यक मोह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जिस प्रकार से अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं की बैठक आयोजित हुई ठीक उसी प्रकार से बहुसंख्यक वर्ग की बैठक भी आयोजित हो सकती थी लेकिन इस बैठक और संवाद ने यह बता दिया कि कांग्रेस की नजर में किस वर्ग की क्या स्थिति है उसकी बानगी इस संवाद में देखने को मिली।
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